साहित्य

लघुकथा

आत्महत्या ” रामू भाई! टमाटर क्या भाव दे रहे हो?” ” मास्टर जी ! 50 रुपये किलो…” रामू ने मोबाइल से  नजरें हटाये बिना ही कहा। ” ठीक है! दो किलो तौल दो? ….और यह लो पैसे “मैंने रामू को पैसे देते हुए कहा। ” अरे बाबा! मैंने सौ रुपये ही छुट्टें दिये हैं ….और […]

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लघुकथा

  नेटवर्क प्रॉब्लम “दो महीने से खाली बैठे हैं आप। धीरे-धीरे एकाउंट से सारे पैसे निकल चुके हैं। अब क्या कैसे होगा? मुझे तो रात-दिन यही चिंता खाए जा रही है।”-पत्नी दीप्ति के चेहरे पर चिंता की लकीरें स्पष्ट नज़र आ रहीं थीं। “हाँ! यही तो मैं भी सोच रहा हूँ। कम्पनी भी चुनिंदा लोगों […]

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लघुकथा

माफी “देखिए बहिन जी, हम मानते हैं कि उन बलात्कारियों ने आपकी बेटी के साथ बहुत ही गंदा काम किया। गैंगरेप के बाद उसकी नृशंस हत्या एक अक्षम्य अपराध है, परंतु मृत्युदंड ही इसका समाधान तो नहीं है न। आप भी एक माँ हैं। असमय अपनी संतान को खोने का दर्द आप भलीभांति समझती हैं। […]

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(लघु कथा)

दीदी मैंने एप्प डाउनलोड कर लिया ,जो आपने कहा  था। कल  उस पर अंग्रेजी विषय की क्लास होगी ना, बहुत मज़ा आएगा दीदी,ऐसे पढ़ने में…..पीयूष का व्हाट्सएप्प पर मेसेज था। स्नेहा एक सुदूर ग्राम के सरकारी स्कूल में शिक्षक है और विज्ञान तथा अंग्रेज़ी विषय पढ़ाती है, पीयूष कक्षा दसवीं का विद्यार्थी है जिसे कोरोना […]

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इंसानियत

देखिये… आज दूसरी दफा हुआ है पहले भी एक दिन किसी ने गैलरी में से कपड़े चुरा लिये थे और आज तो बिल्कुल नयी चद्दर ही कोई उठा ले गया। इस बार पूरी निगरानी रखेंगे कि आखिर ये चोर है कौन?अतुल:-क्या पता अब वो आये भी या नही।अब चोर कँही ओर भी तो जा सकता […]

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ऐसा भी होता है

अभी-अभी ससुराल आई रूपा उपहार में मिली वस्तुओं को इस तरह हाथ से झपट कर ले रही थी, मानो वह थोड़ी सी भी देर कर देगी तो उसका उपहार शायद कोई और ले लेगा। ससुराल से मिले गहनों को भी उसने समेट कर अपनी अलमारी में रखकर ताला लगा दिया और चाबी भी छुपा कर […]

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लघुकथा

                                      मानिनी कांता का, पति और दो बच्चों का छोटा सा संसार।पति कारखाने में काम करते थे। कुलमिलाकर निम्न मध्यवर्गीय परिवार, सीमित आय में भरण-पोषण करता हुआ। लॉकडाउन में पति घर बैठ गए,बचत न के बराबर, चिंता की लकीरें सोने न देती।कुछ स्वयंसेवी संस्थाएं भोजन वितरण कर रही थी परंतु फोटो खींचने के डर से […]

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लघुकथा

                                    प्रहार घाटी में एक परिवार को बंधक बनाया गया। सेना के अधिकारी और जवान परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने जवाबी कार्रवाई करते आगे बढ़े।मौसम भी कातिलाना था जो मुश्किलें बढ़ा रहा था।। जवान अदम्य साहस की मिसाल पेश करते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे थे।गोली-बारी कुछ देर के लिए रुक गई।अब कुछ […]

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लघुकथा

डिपेंड नीरजा और उदय दोनों आमने -सामने बैठे थे , उन दोनों  के बीच   संन्नाटा पसरा हुआ था । उदय  के द्वारा सामने टेबिल पर चाय के   खाली कप रखने पर  कप की खनक सुनाई दी  , उदय का कप अपने से दूर रखें कप को  बेकरार हो कर देख रहा था । उफ ! […]

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परिवर्तन-

———————पायल देर सवेर उठती थी। आभासी दुनिया में खोने के कारण उसको पता ही नही था की कब सोना और कब उठना है। अमीर परिवार से होने के कारण उसके ऊपर किसी प्रकार का प्रतिबन्ध नही था।         पापा उसको बहुत प्यार करते थे। इसलिए अपनी हर बात मनाने के लिए वो जिद […]