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व्यंग्य

   आह रे पुरुष विमर्श मैं जब जब घर में पत्नी के कोमल हाथों, चालाक दिमाग  द्वारा शोषित होता तो हर बार बस यही सोचता कि पुरुष की मुक्ति के लिए अब तो कुछ धांसू कर ही लिया जाए। पर क्या कुछ नया किया जाए, बस यही नहीं समझ में नहीं आ रहा था। गृहस्थी […]

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व्यंग

        कोरोना विषय पर पीएचडी            प्यारेलाल जी जोर से चिल्लाते हुए बोले जिससे मुहल्ले में कोई भूकंप आ गया अरे छप्पन मियां क्या बात है लाकडाउन को तोड़ते हुए तुमने हमारे मोहल्ले में आतंकवादियों की तरह घुसपैठ करके हमारे घर में घुस आए आखिर बताओ तो सही क्या बात है क्या आपको मालूम नहीं […]

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क्यों, सही है क्या राजीव गांधी की हत्या हो गई…!’

🔹कीर्ति राणा/89897-89896 उस रात रोज की तरह दैनिक भास्कर में सिटी डेस्क पर काम चल रहा था….पीबीएक्स बोर्ड ऑपरेटर कालेजीने सिटी डेस्क पर फोन ट्रांसफर करते हुए कहा राणाजी का फोन है। सिटी चीफ (स्व)विनय लाखे जी ने फोनमेरी तरफ बढ़ाया।सराफा एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य (स्व)सागरमल छाबछरिया पूछ रहे थे क्यों रानाजी, सही है क्या, […]

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 चला मुरारी आत्मनिर्भर बनने तीन चार दिनों से दोस्त का न तो फोन ही आया था और न ही वह व्हाट्सएप, फेसबुक पर कहीं अवतरित हुआ था। वही दोस्त जो फेसबुक पर शौच जाने से पहले शौच से आने के बाद का बराबर स्टेट्स पोस्ट करता रहा था।  यह तो मुझे अच्छी तरह पता था […]

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आत्मनिर्भरता की परिभाषा

 लडखाड़ते पैर, प्यासी जुबान, नम आंखे और मासूम चेहरे! देश के लोकतंत्र में बदलाव करने की ताकत रखने वाले मजदूर वर्ग आज सबसे ज्यादा मजबूर है, देष की तामम राजनैतिक दल और नेता मजदूर वर्ग को चुनाव में अपनी और साधने के लिए कई योजनाओं का हवाला देते है, कहते है कि हम मुष्किल की […]

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इश्श्श् देश के लिए पी रहे हैं

 हमारे यहां बड़े लोग देश के लिए खाते है देश के लिए ब्रांडेड पहनते हैं , और ब्रांडेड पीते हैं ।  हमारे जैसे छोटे मंझोले लोग  देश के लिए देसी पीते  हैं।  अपना अपना शौक है और तरीका भी। कुछ लोग बड़े बड़े पुलों, बांधों, योजनाओं को  घोंट कर पी  जाते हैं तो यहां हाँ […]

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साहब का दौरा ,पिकनिक और निरीक्षण        @दिनेश गंगराड़े सुबह से ही छोटे ,सुस्त कर्मचारियों में काफी हलचल थी।सालभर   गन्दी रहनेवाली सड़कें,गलियां अलसुबह से ही अपना रोगन ,गन्दगी साफ करवा रही थी।बरसात के बाद उड़ती गर्द को दबाने के लिए गलियों में,जल ही जीवन है वाला पानी छिड़का गया था।अवैध अतिक्रमण हटने से सड़कें भ्रष्टाचारी […]

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कोरोना से दिवंगत लोगों को बैकुंठ भिजवाने के सारथी बने रजनीश कसेरा

कोरोना माहामारी के चलते जब सगे पुत्र द्वारा पिता का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर देने वाली घटना हाल ही सिहोर जिले में सामने आई तब इंदौर के एक फरिश्तें के लिए लिखने का मन बन गया। यह शख्स कई दिवगंत व्यक्तियों के अंतिम संस्कार के लिए उनके क्रिया कर्म की व्यवस्था करने का […]

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   खाए कोई, स्वाद बताए कोई    डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा उरतृप्त सरकारी पाठ्यपुस्तक लेखक, तेलंगाना सरकार चरवाणीः 73 8657 8657, Email: jaijaihindi@gmail.com मेरा एक रईस मित्र है। बहुत बड़ा व्यापारी है। उसे व्यापार में करोड़ों का मुनाफा हुआ है। एक दिन मेरी उससे भेंट हो गई। तभी उसे एक फोन आया। फोन पर बात […]

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 गई श्रद्धांजलि पानी में महामारी से बचने हेतु सोशल मीडिया द्वारा सुझाए सुझावों का अक्षरशः पालन करता डिफेक्टिव लेखक होने के चलते दिमाग की तमाम टूटी खिड़कियां, दरवाजे तक बंद किए कुछ नया सोचने को डरा डरा बैठा ही था कि इधर उधर से कहीं से भी नाक या गले में कोरोना न घुस जाए […]