मध्य प्रदेश

राजधानी में फिर बढा वायू प्रदूषण

226 पर पहुंचा शहर का एक्यूआई
भोपाल राजधानी में रविवार को वायु की गुणवत्ता बताने वाला एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) यानि वायु गुणवत्ता सूचकांक 226 पर पहुंच गया। यह सूचकांक 50 या इससे नीचे रहता है, तब हवा बेहतर शुद्ध मानी जाती है। आर्द्रता और ठंड बढ़ने के कारण भोपाल का वायु प्रदूषण फिर बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण बढ़ने की वजह धूल के कण हैं, जो आर्द्रता बढ़ने से भारी होकर निचले वातावरण में फैल गए हैं। इसके कारण वायु प्रदूषण की स्थिति बनी हुई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) से मिले आंकड़ों के मुताबिक रविवार को प्रदेश के कटनी जिला मुख्यालय की हवा सबसे खराब रही। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 258 पर पहुंच गया है। जबलपुर मुख्यालय की हवा भी खराब रही। यहां का सूचकांक 249 रिकार्ड किया गया। भोपाल शहर में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 का अधिकतम स्तर 312 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया है, जो कि 60 होना चाहिए। वहीं, पीएम 10 का अधिकतम स्तर 199 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जो 100 होना चाहिए। पर्यावरण मामलों के जानकार डॉ. सुभाष सी पांडे ने बताया कि धूल के गण व हैवी मैटल ठंड व आर्द्रता बढ़ने के कारण भारी हो जाते हैं, इसके कारण निचले वातावरण में इनकी अधिकता से हवा प्रदूषित होती है।वायू प्रदूषण बढने से राजधानी के अस्थमा तथा हार्ट के मरीजों की परेशानी भी बढने लगी है। ऐसे मरीजों को सांस लेने में दिक्कतें सहित अन्य समस्याओं के चलते अस्पतालों का रुख करना पड रहा है।
सुदामा नर-वरे/11नवंबर2019

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