मध्य प्रदेश

श्रमिक स्पेशल के यात्री भूख से हुए उग्र

दो स्थानों पर इंजिन पर चढ़ चालकों से की अभद्रता
जबलपुर। कोरोना महामारी के कारण देश में चल रहे लॉकडाउन में दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए रेलवे, राज्य सरकारों के सहयोग से श्रमिक स्पेशल ट्रेन धड़ाधड़ चला रहा है। इस काम में रेलवे का स्टाफ जी-जान से अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहा है, लेकिन रेलवे प्रशासन की अव्यवस्था के चलते श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में यात्रा कर रहे श्रमिक अब 12 से 18 घंटे तक भूखे रहने से उग्र होने लगे हैं। ऐसे ही दो मामले शुक्रवार 22 मई को जबलपुर रेल मंडल में सामने आये। मंडल में दो जगह पर आउटर पर रोकी गई गाडिय़ों के यात्रियों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने ट्रेन के इंजिन में चढ़कर चालक दल के साथ अभद्रता व गाली-गलौज की।
पहली घटना बनखेड़ी में हुई
घटना के संबंध में बताया जाता है कि गत दिवस पहली घटना दोपहर इटारसी-जबलपुर रेलखंड के बनखेड़ी में में घटित हुई. जहां पर गाड़ी संख्या 01813 को किसी कारण से रोका गया। दोपहर 14.10 बजे अचानक बड़ी संख्या में यात्री इंजिन में पहुंचे और लोको पायलट के साथ मारपीट की कोशिश की, वहीं कुछ यात्रियों ने इंजिन में पथराव भी किया और रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोको पायलट ने वाकी-टाकी से इसकी सूचना स्टेशन प्रशासन को दी। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल ने आकर स्थिति को संंभाला।
दूसरी घटना मानिकपुर के पास
इसी तरह की दूसरी घटना आज शाम 6 बजे के लगभग सतना-मानिकपुर के बीच घटित हुई। गाड़ी संख्या 07377 के यात्री भी काफी उग्र नजर आये और चालक दल को घेर लिया।
इसलिए हो रहे उग्र
बताया जाता है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री इसलिए उग्र हो रहे हैं, क्योंकि उनके पास लाकडाउन के चलते रोजी-रोजगार छिन गया है। उनके पास खाने-पीने तक के पैसे नहीं है। यात्रा की सुविधा तो सरकार ने दिला दी, किंतु उन्हें यात्रा के दौरान समय पर भोजन, पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कई मामले में तो इन भूखे-प्यासे यात्रियों को 18 घंटे से ज्यादा भूखे रहना पड़ रहा है. जिससे वे तनाव में हैं और रेल स्टाफ उनका आसान निशाना बन रहा है। रेल स्टाफ ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
सुनील साहू/23मई2020

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