छत्तीसगढ़

राशनकार्ड विहीन प्रवासी श्रमिकों को भी मिल रहा निःशुल्क राशन

बलरामपुर देश के अन्य राज्यों से वापस लौटे प्रवासी श्रमिक परिवारों को मई एवं जून महीने का राशन निःशुल्क वितरित किया जा रहा है। लाॅकडाउन के कारण श्रमिक परिवारों के दिक्कतों को देखते हुए राशन कार्ड विहीन परिवारों को भी निःशुल्क राशन देने का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक परिवार को प्रति सदस्य 5 किलो चावल तथा एक किलो चना निःशुल्क दिये जाने की योजना है। जिले में अन्य राज्यों में कार्यरत् प्रवासी श्रमिक परिवारों के वापसी के पश्चात् उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार में नियोजित करने तथा निःशुल्क राशन देने के साथ ही शासन के सभी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। विकासखण्ड स्तर पर प्रवासी श्रमिकों के वापसी के दौरान संधारित पंजी के अनुसार उन्हें पंजीकृत किया जा रहा है।
कलेक्टर श्री श्याम धावड़े ने जानकारी दी है कि जो प्रवासी श्रमिक अन्य राज्यों से लौटकर वापस आये हैं तथा उनके पास राज्य शासन द्वारा जारी किया गया कोई राशनकार्ड नहीं हैं ऐसे परिवारों को पंजीकृत कर उन्हें मई व जून महीने का राशन निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। लाॅकडाउन के अवधि में श्रमिकों की आय प्रभावित हुई है जिससे उनके जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने जिला खाद्य अधिकारी को निर्देशित किया है कि प्रवासी श्रमिकों का पंजीयन कर राशन वितरण का कार्य शीघ्र पूर्ण करें। विकासखण्ड राजपुर के ग्राम कोटागहना की रहने वाली शिला कुशवाहा अपने परिवार के साथ वापस लौट चुकी है। लाॅकडाउन के दौरान उनके परिवार की आय प्रभावित हुई है तथा जो बचे पैसे थे। वह भी वापस लौटने में खर्च हो गये। शिला को 02 महीने का चावल एवं चना मिल गया है जिससे उनकी चिंताएं कम हुई है। इसी प्रकार कोटागहना के ही कविलासो के परिवार वापस लौटने पर काम के साथ 2 महीने का राशन मिल गया है। दोनों ही परिवारों के सदस्यों ने शासन धन्यावाद ज्ञापित किया है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों की जानकारी के आधार पर उन्हें पंजीकृत कर राशन वितरण प्रारंभ किया गया है। जिले के समस्त उचित मूल्य के दुकानों में प्रवासी श्रमिकों के लिए आवश्यकतानुसार भण्डारण कर वितरण किया जा रहा है।
पंकज/मंजू/30जून

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