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नहीं हटे नालों से अतिक्रमण, अधिकारी लापरवाह
125 करोड का फंड मौजूद, फिर भी नहीं हो रहे काम
भोपाल (ईएमएस)। राजधानी में बारिश के पानी की निकासी के लिए 125 करोड़ रुपए से विभिन्न नालों का निर्माण कार्य एक साल पहले चालू हुआ था, लेकिन अफसरों की लापरवाही के कारण आज तक काम पूरा नहीं हो पाया। केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना अमृत के तहत नालों का निर्माण कराया जाना है, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में फंड मौजूद है, इसके बावजूद काम नहीं हो पा रहा है। लिहाजा, इस साल फिर जलभराव की समस्या होगी। नरेला विधानसभा क्षेत्र में 80 फीसदी नालों का निर्माण हो चुका है। जबकि नालों में अतिक्रमण के कारण गोविंदपुरा, दक्षिण पश्चिम और मध्य विधानसभा क्षेत्र में महज 30 फीसदी ही काम हो पाया। नालों का काम कर रहे कई ठेकेदार निगम प्रशासन को लिखित रूप से अवगत करा चुके हैं कि अतिक्रमण के कारण काम करना संभव नहीं है। निगम की जिम्मेदारी थी कि नालों से अतिक्रमण हटाए और उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करे। पर अतिक्रमण हटाना तो दूर निगम अफसरों ने नोटिस तक जारी नहीं किया। जिससे नालों का निर्माण अधूरा है। लिहाजा, बस्तियों में फिर जलभराव की समस्या होगी।बताया जा रहा है कि नालों से सटी बस्तियों को दूसरी जगह शिफ्ट करना होगा, इससे वोट बैंक को नुकसान होगा। लिहाजा, कोई राजनीतिक दल नहीं चाहते कि झुग्गियां हटें। निगम प्रशासन भी विवाद के डर से अतिक्रमण हटाने में पीछे हट गया है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि नालों का निर्माण कैसे हो पाएगा। नरेला विधानसभा में सेमरा नाले में कुछ स्थानों पर अतिक्रमण है, जिससे आगे का काम बंद पड़ा है। ऐशबाग, बागउमराव दूल्हा में बस्ती वाले क्षेत्र में काम बंद हैं, क्योंकि नाले से लगकर झुग्गियां बनी हैं। इसे हटाए बिना नाले की दीवार का निर्माण संभव नहीं है।

  • छोला क्षेत्र के नालों पर दुकानें बनी हैं। जिसे तोड़े बिना काम नहीं हो पाएगा।
    दक्षिण पश्चिम विधानसभा में पंचशील नाले में जहां पर डुग्गू की नाले में डूबने से मौत हुई थी। उस जगह झुग्गी वाले हिस्से में अतिक्रमण के चलते काम नहीं हो पाया। इस बार नाला उफान पर आया तो बस्ती में जलभराव तय है। अगस्त 2018 में 4.5 करोड़ रुपए की लागत से भूमिपूजन किया गया है। यह नाला 1325 मीटर बनना है। कोटरा क्षेत्र की लुंबनी परिसर से सुदामा नगर तक पूरे नाले पर अतिक्रमण है। 350 मीटर नाला निर्माण होना है, लेकिन अतिक्रमण के कारण काम चालू नहीं हो पाया। इस इलाके में जलभराव की समस्या होती है। 12 नंबर नुपुर कुंज एरिया में जिस नाले का निर्माण होना है, वहां मल्टी बनी है। निर्माण के कारण इस नाले की सफाई नहीं हो पाती। गोविंदपुरा विधानसभा में जाटखेड़ी इलाके में शनि मंदिर से आरकेडीएफ कॉलेज तक बिल्डरों ने नालों पर अतिक्रमण किया है। कॉलेज के पास भी अतिक्रमण है, इससे बिना निर्माण तोड़े नाला निर्माण संभव नहीं है। उत्तर पश्चिम विधानसभा में संजय नगर शाहजहांनाबाद क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण नाला निर्माण अटका हुआ है। कई जगह नालों पर सेंटिंग का काम चल रहा है। नाले पर निर्माण सामग्री भी रखी गई है। यदि तेज बारिश हुई तो सेंटिंग बहने का खतरा है। लिहाजा, फिर तीन महीने तक नालों का काम बंद रहेगा। इस बारे में महापौर आलोक शर्मा का कहना है कि केंद्र सरकार ने नालों के निर्माण के लिए अमृत योजना के तहत राशि स्वीकृति की थी। नालों पर किसी का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व में जलभराव से दुर्घनाएं हो चुकी हैं। जल्द ही हम भोपाल आईजी, डीआईजी, कलेक्टर से अतिक्रमण हटाने के संबंध में चर्चा करेंगे। जिला प्रशासन पुलिस के सहयोग से निगम अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा।
    सुदामा नर-वरे/15जून2019

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