साहित्य

औरत ……

हिमानी जल्दी से तैयार होकर नीचे आ जाओ। आज तुम्हारी डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लग गया है। अरे बेटा आकाश! आज डॉक्टर से पूछना कि बहू को दिन क्यों नहीं चढ़ रहे। मां तुम्हारे हर बार इसी सवाल से मैं तंग आ गया हूं। और मैं घर में बच्चे के ना आने से अकेली हो गई […]

साहित्य

लघु कथा

पश्चाताप के आँसू ‘देखो राहुल, कान खोलकर सुन लो। अगर तुमने अपने पिता जी को इस बार पैसे दिए तो इस घर में आज मेरा आखिरी दिन होगा। मैं तोे तंग आ चुकी हूं तुम्हारे पिता जी से। एक महीना होता नहीं है, मुंह उठा कर चल आते हैं। बड़ी मुश्किल से बूढे़-बुढ़िया से पीछा […]

साहित्य

कहानी

प्यार की तलाश  आकृति  उपेन की ओर पहली बार में ही अपने लिए कुछ अलग से भाव महसूस करने लगी थी । न जाने कैसा आकर्षण था वह जो उसे बार-बार उसकी तरफ खींच ले जाता था । औरों से अलग लगता था उसे उपेन । हर पल उसी के बारे में सोचती रहती थी। […]

साहित्य

हर दस साल में पूरी तरह बदल जाता है सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र

-नासा के अध्ययन से हुआ खुलासावाशिंगटन। बीते दस साल में सूर्य में काफी बदलाव आया है। नासा ने इसको लेकर करीब एक दशक से अध्ययन कर रहा है। इस दौरान करीब सूरज की 42.5 करोड़ तस्वीरें ली गईं हैं। साथ ही दो करोड़ जीगाबाइट के करीब डाटा भी इकट्ठा किया गया। इन तमाम जानकारियों के […]

साहित्य

लघु कथा

 बडा कौन?        वह अक्सर उनके यहां आता है.साधारण कपडो मे लिपटा बिल्कुल सामान्य सा लगता.उसे देखते ही राधाबाबू खीझ से भर उठते.कयोकि वह समय-कुसमय चला आता था.राधाबाबू उसके वेष-भूषा से जान गए हैं. जरूर वह कोई काम लेगा. शायद लडके की नौकरी के बारे मे कुछ कहे.इसलिए उसके प्रति राधाबाबू का रवैया कुछ अच्छा नहीं. […]

साहित्य

जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी पुस्तक “जिंदगी न मिलेगी दोबारा”

पुस्तक :जिंदगी न मिलेगी दोबारा लेखक: शिखर चंद जैन प्रकाशक:प्रखर गूँज प्रकाशन,नई दिल्ली संपर्क 9836067535 कीमत: 250/ मात्र शिखर चंद जैन हिंदी के उन बिरले लेखकों में से हैं जिन्होंने कलम को अपने जीवन यापन का साधन बनाया है । उन्हें सही मायने में कलमजीवी लेखक कहा जा सकता है। ऐसे समय में जब पत्रिकाएं […]

साहित्य

विरह आग तन में लगी, जरन लगे सब गात,नारी छूवत वैद्य के,परे फफोला हाथ॥

मीरा कहती हैं- ‘दरद की मारी बन-बन डोलूं, वैद मिला नहिं कोय।’ जगह-जगह जाती हूं। जहां भी जाती हूं, वहीं गोविन्द की याद हो आती है। फूल खिलता है तो गोविंद की विरह की आग पैदा हो जाती है। चांद उगता है तो गोविंद की याद पैदा हो जाती है। जहां जाती हूं, वहीं उसकी […]

साहित्य

क्या लेना-देना!

आज डॉ वरुण और डॉ सूरज एक गंभीर विषय पर चर्चारत थे।इसी दौरान मैं भी वहाँ पहुँचा मैंने देखा डॉ वरुण बहुत गुस्से में थे और डॉ सूरज से बोल रहे थे  कि -” सूरज देश की वर्तमान भ्रष्ट व्यवस्थाओं को लेकर मुझे अत्यंत दुख होता है और गुस्सा भी आता  है ।कितनी विड़ंबनापूर्ण स्थिति […]

साहित्य

लघुकथा

गिरगिट पड़ोसी देश के सैनिकों द्वारा सीमा पर अचानक गोलीबारी कर देने से कई सैनिक मारे गए। पूरे देश में आक्रोश व्याप्त हो गया। सभी लोगों की देशभक्ति पूरे उफान पर था। कम-ज्यादा पढ़े-लिखे आम आदमी और साहित्यकार सोसल मीडिया पर सक्रिय थे। वे जमकर अपनी भड़ास निकाल रहे थे। कवि रसराज भी लगातार वीररस […]

साहित्य

कहानी:

लास्ट बेंचर क्या दिन भर ये डायरी लेकर बैठी रहती हो।खुदकी डायरी लिखने से बेहतर है पढ़ाई में ध्यान लगाओ समय से अच्छी नोकरी मिल गयी तो कोई अच्छा रिश्ता ढूंढ कर तुम्हारी शादी कर देंगे। (माँ ने समझाते हुए कहा) क्या माँ ,सारे दिन पढ़ाई-पढ़ाई (माँ की बातों को अनदेखा करते हुए विनीता फिर […]