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औरत का मोल दहेज से नहीं किया जाना चाहिए

 शो – ‘मेरे साईं – श्रद्धा और सबुरी’ के आने वाले ट्रैक में एक ऐसी औरत की कहानी है, जिसे दहेज के लिए उसके पति और ससुराल वाले प्रताड़ित करते हैं। इसमें कीर्तिदा मिस्त्री, सुगंधा नाम की एक लड़की का रोल निभाएंगी, जिसके मां-बाप उसकी शादी के समय इस उम्मीद में बहुत-सा दहेज देते हैं कि उनकी बेटी अपने नए घर और परिवार में खुश रहेगी।  कीर्तिदा मिस्त्री कहती हैं 1999 से लेकर 2018 तक, एक दशक के दौरान हमारे देश में होने वाली हत्याओं में 40% से 50% हत्याएं दहेज को लेकर हुई हैं। अकेले 2019 में ही भारतीय दंड संहिता की संबंधित धारा के तहत दहेज के 7000 मामले पंजीकृत हुए थे। हम 21वीं सदी में रह रहे हैं और हमें ऐसी पुरानी कुरीतियों को पीछे छोड़कर एक ऐसी दुनिया का निर्माण करने की जरूरत है, जहां महिलाएं सुरक्षित, वांछित और सम्मानित महसूस कर सकें। मुझे उम्मीद है कि मेरे साईं की यह कहानी दर्शकों को यह संदेश देगी कि एक औरत का मोल दौलत या दहेज से नहीं किया जाना चाहिए।