मध्य प्रदेश

बिहार में बाढ़ का तांडव, 27 लाख प्रभावित, 33 की मौत

-राहत के अभाव में पीड़ित चूहे मारकर खाकर कर रहे गुजारा!
पटना मॉनसूनी बारिश ने बिहार में जो तांडव किया उससे वहां की स्थिति काफी दयनीय और भयावह होती जा रही है। भीषण बाढ़ से अब तक प्रदेश में 33 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 27 लाख लोग प्रभावित हैं। राज्य सरकार बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत इससे परे है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ इलाकों में चूहा खाकर अपना पेट भर रहे हैं। कटिहार में लोगों का आरोप है कि सरकार बाढ़ में फंसे लोगों को राहत मुहैया नहीं करा पाई। ऐसे में भूख से बेहाल लोग चूहे खाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हम चूहे खाकर काम चला रहे हैं, क्योंकि बाढ़ के दौरान चूहे आसानी से मिल जाते हैं। एक शख्स ने कहा कि हमारे पूरे परिवार को चूहों पर ही गुजारा करना पड़ रहा है। सरकारी इंतजाम में लापरवाही को लेकर लोगों में गुस्सा है।
ताला मुर्मू नाम की एक महिला ने बताया, ‘हमारा सब कुछ बाढ़ में बह गया। हमारे पास खाने को भी कुछ नहीं है। हमें सड़क के पास शेल्टर में रखा गया है। वहां हमें खाने को कुछ नहीं मिल रहा। मेरे बेटे और पोते बाढ़ से चूहे पकड़कर लाते हैं और हम वही खा रहे हैं।’ डांगी टोला के लगभग तीन सौ महादलित और आदिवासी दलित परिवार हैं जो यहां बाढ़ से प्रभावित हैं। भर्री गांव के मुकेश ने बताया कि उन लोगों तक राहत सामग्री नहीं पहुंची है। कोई भी हम लोगों पर ध्यान नहीं दे रहा इसलिए हम चूहे खाकर जीवित रहने को मजबूर हैं। लोगों के चूहे खाकर पेट भरने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी ट्वीट कर नीतीश सरकार पर हमला बोला है। राबड़ी ने ट्वीट में लिखा, ‘नीतीश जी, प्रवचन मत देना कि बुखार, लू, गर्मी और सुखाड़ (सूखा) की तरह बाढ़ में भी प्रकृति का दोष है। बचाव व राहत कार्य भी अगर प्रकृति को ही करना है तो आप और आपके मंत्री क्या भजन-कीर्तन करने बैठे है? सरकार के निकम्मेपन के चलते बाढ़ पीड़ित चूहा खाने को मजबूर है। शर्म तो नहीं आ रही होगी?’
मालूम हो कि बारिश और बाढ़ के चलते बिहार के 12 जिलों में स्थिति खतरनाक है। बाढ़ से अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 27 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इन 12 जिलों में शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर सहरसा और कटिहार शामिल है। भारी बारिश की वजह से बिहार की तमाम नदियों में बाढ़ का पानी 600 और गांवों में फैल चुका है। उत्‍तरी बिहार के इन नौ जिलों के करीब 18 लाख लोग बाढ़ की आपदा झेल रहे हैं।
इन सभी जिलों में सीतामढ़ी सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 11 लाख लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा है। इसके बाद अररिया का स्‍थान है जहां 5 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी ने कहा, अररिया, शिवहर और किशनगंज जिलों में बाढ़ की वजह से अब तक चार लोगों की मौत हुई है। इनमें से दो मौतें अररिया में हुई हैं, जहां आठ ब्‍लॉकों की 83 पंचायतों पर बाढ़ का सबसे ज्‍यादा असर हुआ है।
विपिन/ ईएमएस/ 17 जुलाई 2019

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