व्यापार

तकनीकी आपके बैंक में बदलाव ला रही है

देश में फिनटेक तीव्र गति से वित्तीय सेवाओं के परम्परागत चेहरे में परिवर्तन ला रहा है। भारतीय ग्राहक ज्यादा टेक सेवी, जागरूक बन रहे हैं और तदानुसार ऐसे प्रोडक्ट एवं सेवाएं चाहते हैं, जो अत्याधुनिक और उनकी जरूरतों के अनुरूप टेलर मेड हो। बैंकों की तुलना में फिनटे के पास प्रोडक्ट डिलीवरी और कस्टमाजेशन की दृष्टि से स्पष्ट रूप से बढ़त है।

परम्परागत जॉब जैसे पासबुक अपडेट करना, नकद जमा, अपने ग्राहक को जाने विवरण का सत्यापन, सेलरी अपलोड और बिजनेस एवं होम लोन का लाभ लेना अब निरंतर आटोमेटिक हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में रिलायंस होम फाइनेंस के ईडी एवं सीईओ श्री रविन्द्र सुधालकर ने फिनटेक सिस्टम की अच्छाई एवं बुराई की जांच-पड़ताल की है।

पेमेन्ट सिस्टम का उपयोग : विमुद्रीकरण ने नकदी पर निर्भर लोगों के बीच ई-पेमेन्ट साधन जैसे ई-वैलेट को अपनाने की जरूरत को प्रोत्साहित किया है।

होम लोन सेवाओं में फिनटेक का योगदान : एक ऐसा क्षेत्र जहां फिनटेक भारी पैठ कर रहा है, वह होम लोन तक पहुंच है। बैंक की एक शाखा के मार्फत होम लोन के लिए आवेदन करना एक थकाऊ एवं समय लेने वाला कार्य है।आमतौर पर अधिकांश बैंक बड़े आकार का लोन देते है जबकि फिनटेक कंपनियां छोटे आकार का पर्सनल लोन देती हैं, जो स्पर्धात्मक ब्याज दर पर १५,००० रू. से शुरू होता है। अधिकांश ट्रांजेक्शन ऑनलाइन होते हैं तथा इसमें सिम्पल स्टेप होते हैं जिनका ग्राहक के टेक सेवी न होने पर भी सरलता से पालन किया जा सकता है।

फिनटेक का स्याह पहलू

फिनटेक निश्चित रूप से बैंक जॉब पर प्रतिघात हैं। आर्टिफिशियल टेक्नोलॉजी (एआई) जैसी तकनीकी से बैंक अब विशेष रूप से बैक ऑफिस में कर्मचारियों की संख्या आधी कर सकते हैं। कुछ रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय सेवाओं के आटोमेशन के कारण २०२५ तक बैंकिंग उद्योग में लगभग एक तिहाई रोजगार जा सकते हैं।

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