इंदौर

दागी अफसर ने सरकार को एक बार फिर मुसीबत में डाला, वायरल आडियो से सरकार की भारी बदनामी हो रही है

सत्ताधारी दल के वरिष्ठ नेता, विधायकों ने की थी शिकायतें, उस भ्रष्ट आबकारी अफसर ने फिर की सरकार की किरकिरी

इंदौर/भोपाल (राजेन्द्र के.गुप्ता ) वन मंत्री उमंग सिंघार और उम्र दराज नेता दिग्विजय सिंह के चिट्ठी वार के बीच एक आडियो का नया ठीकरा, सरकार के अपने नेताओं पर फूटा है, जिसमें मंत्री और सत्ताधारी दल के विधायकों पर प्रति माह मोटी वसूली के आरोप मढ़े जा रहे है । आरोप लगाने वाला आबकारी अफसर भी दागी है, वो अफसर आडियो में सफेद कुर्ते को दागदार कर रहा है..और अंबानी-अड़ानी को गाली दे रहा है, ऐसे अफसर को ऊपकृत करने वाले भी सत्ताधारी है, शायद इसलिए इतनी हिम्मत  हो गई होगी….

जिस अकर्मण्य और लापरवाह आबकारी अफसर की वजह से सरकार को 41 करोड़ 73 लाख 73 हजार 670 से अधिक रुपयों के राजस्व की हानि हुई, जिसके कारण  वसूली अब तक नही हो पा रही है, जिसे निलंबिन से बहाल किए जाने पर कांग्रेस ने हंगामा खड़ा किया था, तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के सरकारी सीएम आवास पर जा कर लिखित शिकायत की थी, वर्तमान मंत्री गोविंद सिंह, उमंग सिंघार सहित कई विधायकों ने विधानसभा में प्रश्न लगा कर मुद्दे को उठाया था उस आबकारी अफसर को कांग्रेस की सरकार बनते ही ऊपकृत कर दिया गया ! जनता सब समझती है, पर बोलती वोट से है, जिसका हश्र लोकसभा चुनाव में देख भी लिया है । मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद विधायक पांचीलाल मेढ़ा उसी दागी और लापरवाह अफसर के कारण विधायकी से ईस्तीफे का एलान कर चुके थे, गृह मंत्री बाला बच्चन मेढ़ा को मना कर मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलवाने ले गए तब मेढ़ा शांत हुए थे । अब उस दागी अफसर ने एक बार फिर कमलनाथ सरकार को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है । दिग्विजय सिंह और मंत्री उमंग सिंघार की खीचतान से सरकार निपटने की कोशिश कर ही रही थी की एक आडियो वायरल हो गया । जिसमें वही दागी अफसर मंत्री और सत्ताधारी दल के विधायकों द्वारा शराब ठेकेदारों से 20 लाख और 10 लाख रुपयें महीना वसूली करने का आरोप लगा रहा है, साथ ही गाली देकर अंबानी और अड़ानी के नामों का उल्लेख भी कर रहा है । दिग्विजय सिंह की चिट्ठी भी यह साबित कर रही है कि कांग्रेस के कई नेता पोस्टिंग और काम करवाने के खेल में लगे हुए है ।

अब ये कोई समाजसेवा या प्रदेश विकास का कार्य तो है नही ? खैर जिस एक्टिविस्ट से हुई बातचीत वायरल हुई है वो उसे वायरल करने से इंकार कर रहे है, पर कहते है ना तीर कमान से निकल जाता है तो फिर आप सफाई ही दे सकते हो …खैर जैसा सुनने में आ रहा है और तबादला उद्धोग का आरोप विपक्ष लगा रहा है उस हिसाब से विभाग में पोस्टिंग को लेकर बोली लगने की सुगबुगाहट तेज़ हो गई है…..जल्दी ही यह भी वायरल होगा की किन – किन नेताओं ने भ्रष्ट अफसरों की पोस्टिंग के लिए पत्र लिख लिख कर दबाव बनाया है …..।

 दागी अफसर ने सरकार को एक बार फिर मुसीबत में डाल दिया है, वायरल आडियो के कारण कमलनाथ सरकार की भारी बदनामी हो रही है, क्योंकि पहले ही कुछ दिनों से चिट्ठी को लेकर सरकार पर सवाल उठ रहे है, वायरल आडियो में सत्ताधारी दल के मंत्रियों और विधायकों पर अफसर द्वारा मोटी वसूली के आरोप लगाने से सरकार पूरी तरह से कटघरे में आ गई है । लगता है जिन पर पर्दे के पीछे से सरकार चलाने का आरोप लग रहा है, उन्हें अब सरकार कब तक रहे ? पार्टी की कितनी बदनामी हो रही है, भविष्य में वापस सत्ता मिले, ना मिले से कोई लेना देना नही है क्योंकि उनकी उम्र और राजनीतिक केरियर भी लगभग पूरा हो चुका है…..बस वो अभी ही बहुत कुछ पा लेना चाहते है….पूर्व सीएम शिवराज सिंह जिन्हें बंटाढ़ार बोलते है वो अब पार्टी का बंटाढ़ार कर देंगे ऐसा लग रहा है ।

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