काव्य ग़ज़ल

निन्यानवे पर एक भारी

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देश में बुलेट ट्रेन चलेगी,

एक्सप्रेस मे सामान्य डब्बा नहीं बढ़ेगा!!

शहरों में मेट्रो ट्रेन चलेगी,

पैसेंजर ट्रेनों में टॉयलेट नहीं रहेगा!!

निजी ट्रेन में बोतलबंद पानी,

सामान्य ट्रेनों में पानी के लिए मारामारी है!!

अमीरों ट्रेन में मसाज सुविधा,

गरीबों के ट्रेन में पैर रखने की जगह नहीं!!

निजी ट्रेन निर्बाध गति से चलेगी,

पैसेंजर ट्रेन घंटों लूप लाइन में खड़ी होगी!!

निजी ट्रेन समय पर नहीं पहुंचा तो,

बदले में उसके यात्री मुआवजा के भागी होंगे!!

पैसेंजर ट्रेन से यात्रा करने वाले,

कब पहुंचेंगे किसी की जिम्मेवारी ना होगी!!

देशवासियों के द्वारा दिए टैक्स से,

रेल की पटरियां बैठती हैं स्टेशन बनते हैं!!

अब उन पटरियों पर दौड़ेगी,

देसी विदेशी पूंजी पतियों की निजी रेलगाड़ी!!

वह दिन दूर नहीं होगा जब

आप बोलेंगे,बेटा अंबानी रेलवे में कर्मचारी है!

कर्मचारी संगठन चुप हो गए

उन्हें सरकारी नौकरी खो जाने की लाचारी है!!

पर आप कब उठाएंगे आवाज,

सभी सरकारी संपत्ति का निजी करणजारी है!!

कभी निजी संपत्ति का होता था

राष्ट्रीयकरण,अब राष्ट्रीय संपत्ति की बिक्री जारी है!!

निन्यानवे पीस रहे हैं सरकारी नीति से,

आप की चुप्पी से ही निन्यानवे पर एक भारी है!!

गोपेंद्र कुमार सिन्हा गौतम सामाजिक और राजनीतिक चिंतक

देवदत्तपुर दाउदनगर औरंगाबाद बिहार व्हाट्सएप नंबर 95 07 34 1433

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