मध्य प्रदेश

इधर ले रहे सेल्फी, उधर कट रहा जंगल!

वन मंडल औबेदुल्लागंज में बेखौफ हुए लकड़ी तस्कर
भोपाल वन माफियाओं के लिए सुरक्षित वन मंडल औबेदुल्लागंज में लकड़ी तस्करों की पनाहगाह बनता जा रहा है। महकमे के लोग फिल्म नायिका व अन्य कलाकारों के साथ सेल्फी लेने में लगे रहे, उनकी इस लापरवाही कर भरपूर फायदा लकड़ी चोरो ने उठाया और कई हरेभरे पेडों को काटकर बीती रात चोर इमारती लकडी चुराकर ले गए। दरअसल यह पूरा मामला रातापानी अभयारय की देहलाबाड़ी रेंज की बीट देहलाबाड़ी से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार तीन मार्च से फिल्म की शूटिंग रातापानी अभयारण्य के देहलाबाड़ी में चल रही है। सीसीएफ रविन्द्र सक्सेना गत दिवस मौजूद थे, उनके साथ ही महकमे के अन्य अधिकारी कर्मचारी तीन दिन से वहीं डेरा डाले हुए हैं। बताया जा रहा है कि नायक, नायिका व अन्य कलाकारों के साथ सेल्फी व एक झलक पाने को आतुर दिखाई दे रहे हैं। महकमे के लोगों की यह लापरवाही इमारती लकड़ी कटाई के रूप में सामने आ गई। वन मंडल के चुनिंदा स्थानों पर हो रही शूटिंग अभी कितने दिन और चलेगी और कहां-कहां होगी यह गोपनीय रखा गया है। अभयारण्य क्षेत्र के किस स्थान एवं कितने दिन तथा कितने लोगों की अनुमति है यह भी कोई बताने को तैयार ही नहीं है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रातापानी अभयारण्य में फिल्म शेरनी की शूटिंग चल रही है। वन विभाग के मैदानी अमले से लेकर आला अधिकारी तक फिल्म की शूटिंग का लुत्फ उठाने में वयस्त हैं। इसका वन माफिया भरपूर लाभ उठा रहा है और सागौन काटकर बेखौफ परिवहन कर रहे हैं।
गुरुवार-शुक्रवार की रात यहां पर बड़ी संख्या में सागौन के पेड़ काटे गए हैं। इसका पता तब चला जब सड़क के किनारे सागौन के मोटे गुल्ले पड़ा देखा गया। इस पर विभाग के अधिकारी अधिकारी इसे निस्तारी जलाऊ लकड़ा कटना बताकर लिपापोती करने का प्रयास कर रहे हैं। रातापानी अभयारण्य में इस समय फिल्म की शूटिंग चल रही है। इसका फायदा उठाकर क्षेत्र में लकड़ी तस्कर सक्रिय हो गए हैं। बड़ी मात्रा में सागौन की लकड़ी कट गई और गायब हो गई। मामले में वन मंडल अधिकारी और रातापानी अभयारण्य अधीक्षक जो जानकारी दे रहे हैं वह भी विरोधाभासी है। डीएफओ इसे छोटी मोटी बात बताकर निस्तारी लकड़ी बता रहे हैं। वहीं रातापानी अधीक्षक चार से पांच सागौन के पेड़ कटना बता रहे हैं, जबकि लकड़ी तस्कर बडे वाहन में सागोन भरकर ले जा रहे थे। भार ज्यादा होने एवं चढ़ाई के कारण वाहन लोड नहीं ले सका, इसलिए सागौन के पांच फीट से लंबे और दो दर्जन से अधिक मोटे गुल्ले सड़क किनारे उतार कर चले गए। बताया तो यह भी जा रहा है कि वाहन में वन माफिया लाखों की इमारती लकड़ी ले गए। मौके पर टायरों के निशान मौजूद हैं। विभाग के लोग ने लकड़ी अपने कब्जे में ले ली। अब इसका पीओआर काटा जाएगा। इस बारे में रातापानी अभयाण्य के अधीक्षक पीके त्रिपाठी का कहना है कि मैं स्वयं घटना स्थल जहां लकड़ी पड़ी है वहां गया था, उसे देखकर लगता है कि पांच सागोन के पेड़ कटे हैं।
सुदामा नर-वरे/07मार्च2020

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