देश

महिलायें अब अबला नहीं रहीं, गोष्ठी में हुआ विमर्श

महिला दिवस पर मुस्कुरायी बेटियां, नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
बस्ती । महिलाओं को अपने अधिकारों को हासिल करने के लिये स्वयं दक्षता सिद्ध करनी होगी। प्रदेश सरकार महिला उत्पीड़न रोकने की दिशा में गंभीर है, उन्हें उच्च शिक्षा हासिल करने के साथ ही उद्यम की ओर बढना होगा। यह विचार राज्य महिला आयोग सदस्य इन्द्रवास सिंह ने व्यक्त किया। वे रविवार को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर नेहरू युवा केन्द्र द्वारा बेगम खैर इण्टर कालेज सभागार में आयोजित संगोष्ठी को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रही थी।
कहा कि महिलायें अब अबला नहीं रही, वे कदम से कदम मिलाकर घर से लेकर सरहद तक अपनी भूमिका निभा रही है। विचार गोष्ठी में निलोफर उस्मानी, पूर्णिमा तिवारी, डा. रंजना अग्रहरि, दमयन्ती श्रीवास्तव, सिमी भाटिया ने ‘ लैंगिक समानता एवं आर्थिक स्वालम्बन’ विषयक गोष्ठी में अपने अनुभवों को साझा किया। कहा कि पुरूषों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी।
गोष्ठी के बाद आयोजित सांस्कृतिक कायक्रमों में सरस्वती वंदना, स्वागत गीत के साथ ‘ बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’ नुक्कड़ नाटक, ‘बस्ती थीम सांग्स’ लोकनृत्य के विविध कार्यक्रम हुये।
नेहरू युवा केन्द्र के समन्वयक गोपाल भगत ने अतिथियों का स्वागत करते हुये कहा कि आधी दुनियां को सशक्त बनाने के लिये केन्द्र और राज्य सरकारें अनेक योजनायें चला रही है। नेहरू युवा केन्द्र द्वारा जमीनी धरातल पर उसे क्रियान्वित कराया जा रहा है। कार्यक्रम में नेहरू युवा केन्द्र के 70 युवा मण्डल के पदाधिकारियों में से 6 मण्डलों को खेलकूद सामग्री दिया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के हिस्सा लेने वाले अतिथियों को अंग वस्त्र, प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम संयोजन में सविता खातून, अलका पाण्डेय, ओम प्रकाश मिश्र, रेनू श्रीवास्तव, फूल कुमारी, प्रेमचन्द्र मौर्य, राधिका देवी, विट्टू भारती, कृष्णा प्रसाद, प्रिया शुक्ला, रूपाली, सुमन प्रजापति, ममता चौधरी, चित्रा शुक्ल, रजनीश कुमार, डी.पी. यादव, शुभम पंत के साथ ही अनेक लोगों ने योगदान दिया।
08मार्च

Leave a Reply