मध्य प्रदेश

कई इलाकों में अब भी नहीं दिख रही प्रशासन की सख्ती

शहर में 15 नए इलाके कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित
भोपाल। राजधानी में कोरोना के जो 21 नए पॉजीटिव मरीज मिले हैं, उनमें से 15 मरीज नई लोकेशन के हंै। शेष 6 मरीज उन कॉलोनियों व क्षेत्रों के हैं, जिन्हें पहले ही कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। इसके चलते अब शहर में 15 नए क्षेत्र कंटेनमेंट घोषित कर दिए गए हैं , जिससे अब 59 कंटेनमेंट एरिया हो गए हैं। इनमें कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों के घरों के इपिक सेंटर घोषित करते हुए इसके किया गया है। नए इलाकों को आज सील किया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त बी विजय दत्ता भी हर व्यवस्था की स्वयं मॉनीटरिंग कर रहे हैं। हालांकि कई इलाकों में अभी भी प्रशासन की सख्ती नहीं दिख रही है। इसके साथ ही अपर कलेक्टर, एसडीएम, एसपी, एडिशनल एसपी भी लगतार मेहनत कर रहे हैं। यह सभी परिवार के सदस्यों से दूर रहकर लगातार काम कर रहे हैं, ताकि परिवार को संक्रमण की चिंता न रहे और वे पूरा समर्पण समाज,आम जनता और देश को दे पाए। इनमें से अधिकतर अधिकारी कोरोना से बचने के लिए रेस्ट हाउस, सर्किंट, ऑफिसर मेस और होटल में रह रहे हैं। इस दौरान वे अपने परिवार के सदस्यों से फोन पर चर्चा कर रहे हैं।
स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमण की होगी जांच
स्वास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई ने कहा है कि स्वास्थ्य संचालनालय में अधिकारियों कर्मचारियों के ब$डी संख्या में कोरोना संक्रमण से प्रभावित होने के कारणों की जांच की जा रही है। उनकी कांट्रैक्ट हिस्ट्री और संक्रमित होने के क्रम की प$डताल करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए हैं। तय प्रोटोकाल के अनुसार जानकारी प्राप्त होने पर ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित व्यक्ति किन लोगों से किस क्रम में मिले और संक्रमण कहां से शुरू हुआ।
ये नई कॉलोनियां की गई कंटेनमेंट एरिया घोषित
शिवनगर अशोका गार्डन
शिवाजी नगर
आईडीएसपी सतपुड़ा भवन
मालवीय नगर
कोरलवुड कॉलोनी, होशंगाबाद रोड
नीनाबती कॉम्प्लेक्स, सर्वधर्म
पियूबो बाग कॉलोनी
सार्इं बाबा नगर भोपाल
रोहित नगर, साक्षी गार्डन खजूरीकलां
अमरा ईडन पार्क कोलार रोड
प्रियंका नगर
मोमिनपुरा जिंसी
बागमुगालिया हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी
सिम्स अपार्टमेंट लालघाटी
अक्षर गार्डन करोंद बायपास
हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन टैबलेट का पड़ा अकाल
कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ते ही बाजार से इसकी दावा का काम करने वाली हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन टैबलेट बाजार से पूरी तरह से गायब हो गई है। जिन दवा विक्रेताओं के पास है भी तो वे उसे कई गुना अधिक कीमतों में दे रहे हैं। यह टैबलेट कोरोना वायरस की एकमात्र प्रिवेंटिव मेडिसिन (रोग निरोधक दवा) है। जो डॉक्टर व स्टाफ जो कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज करते हैं, उन्हें यह दवाई एहितियात के तौर पर दी जाती है। टैबलेट की उपलबामुश्किल मिल पा रही है।
विभाग ने खरीदी 10 लाख टैबलेट : सूत्रों की मानें तो पिछले हफ्ते ही स्वास्थ्य विभाग ने 10 लाख टैबलेट खरीदी हैं, जो शहर समेत आसपास के जिलों में भेजी गई हैं। खरीददारी मप्र हेल्थ कॉर्पाेरेशन की ओर से की गई है। जेपी और हमीदिया समेत उन सभी अस्पतालों में यह दवाई उन डॉक्टर, नर्स और परिजनों को दी जा रही है जो सीधे तौर पर पॉजीटिव मरीजों के संपर्क में आ रहे हैं। इसलिए भी अस्पतालों में इसकी जरूरत है।
इसमें होता है उपयोग : हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन का 10 टैबलेट का एक रैपर 100 रुपए का मिलता था, लेकिन अब मेडिकल स्टोर से पूरी तरह से गायब है। क्योंकि अब हजारों लोग यह टैबलेट लेने मेडिकल स्टोर पर पहुंच रहे हैं। डॉ. लोकेंद्र दवे, एचओडी, टीवी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट, जीएमसी के मुताबिक, क्लोरोक्वीन दवा मलेरिया के लिए आई थी, बाद में इसका उपयोग गठियावात व दर्द निवारक के तौर पर होने लगा। हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन इसी का एडवांस वर्जन है।
मेडिकल बंद मिलने पर होगी संचालक पर कार्रवाई : खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी मेडिकल स्टोर खुला रखने के आदेश जारी किए। यदि कोई मेडिकल बंद मिलता है तो संचालक पर कार्रवाई की जाएगी। इधर, प्रशासन ने औषधि कंट्रोल सेल बनाया है। यहां से दवाएं लोगों को मुहैया कराई जा रही हैं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0755-2660662 जारी किया है। करोंद, एयरपोर्ट रोड, नेहरू नगर, एमपी नगर समेत कई इलाकों के लोगों ने शिकायत की थी कि उनके क्षेत्र में मेडिकल बंद रहते हैं। संयुक्त नियंत्रक खाद्य डीके नागेंद्र के मुताबिक मेडिकल स्टोर पर ड्रग इंस्पेक्टर नजर रखे हुए हैं।बिना वजह मेडिकल शॉप बंद की तो होगी कार्रवाई।
एसएस/ 08 अप्रैल 2020

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