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अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर प्रशासन का सार्थक प्रयास

भोपाल से 93 मज़दूर उत्तरप्रदेश, 50 मजदूर दमोह और 37 मजदूर मंडला भेजे गए
मज़दूरों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का आभार प्रकट किया
मेडिकल जाँच उपरांत भोजन और राशन कराया गया उपलब्ध
भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर नैतिक जिम्मेदारियों को साकार रूप देते हुए अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर जिला प्रशासन ने आज भोपाल में लॉकडाउन में फसे 180 मज़दूरों को उत्तर प्रदेश, जिला दमोह और मंडला भेजा गया। कलेक्टर तरुण पिथोड़े के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा इन मजदूरों की मेडिकल स्क्रीनिंग कराई गई और खाना खिलाया गया। इसके बाद यात्रा के दौरान भोजन के पैकेट देते हुए इन्हें इनके निवास स्थान रवाना किया गया।
ऐशबाग स्टेडियम भोपाल से 93 दिहाड़ी मज़दूरों को उत्तर प्रदेश के जिले सुल्तानपुर ,सीतापुर, झांसी ,रविदास नगर, जालौन रवाना किया गया। वहीं एमपी नगर से 37 मजदूर सेवा क्षेत्र के मजदूरों को जिला मंडला और रचना नगर से 50 दिहाड़ी मजदूरों को जिला दमोह रवाना किया गया। इन मज़दूरों में बड़े, बुजुर्ग, महिलायें और बच्चे शामिल थे।
इन सभी मज़दूरों में आशीष सोनी, श्रीमती नगमा और रियाज़ , दशरथ सिंह मार्को और उनके परिवार के सभी सदस्यो ने मुख्य मंत्री श्री चौहान द्वारा की गई मदद का ह्रदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने ने कहा की इस संक्रमण और महामारी के दौरान हमारा ध्यान रखते हुए घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए हम जिंदगीभर शासन प्रशासन के आभारी रहेंगे।
जिला प्रशासन में अनुविभागीय अधिकारी श्री आकाश श्रीवास्तव, तहसीलदार श्री मनीष शर्मा ने एमपी नगर और रचना नगर तथा तहसीलदार श्री देवेन्द्र चौधरी ने ऐशबाग स्टेडियम में इन मजदूरों की मेडिकल जांच व्यवस्था ,भोजन और बसो का प्रबंध किया। इन दोनों ही स्थानों पर स्वास्थ दलो द्वारा मेडिकल जांच और थर्मल स्क्रीनिंग की गई। जांच उपरांत उन्हें भोजन कराया गया। जिला प्रशासन द्वारा राशन जिसमे आटा, दाल, चावल, तेल, हल्दी मिर्ची, नमक आदि सामान के पैकेट मजदूरों को दिए गए। बसो में दोपहर के भोजन के पैकेट के साथ पानी की बोतल वितरित कर उन्हें उनके संबंधित निवास स्थानों पर बस के माध्यम से रवाना किया गया।
मानव सेवा की यह पहल शासन और जिला प्रशासन के नैतिक और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है। लॉकडाउन के दौरान ये मजदूर काफी समय से अपने गृह निवास जाने में असमर्थ थे। रोजगार ना मिलने और पैसों की कमी होने से यह तनाव में आ गए थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान के अथक प्रयासो से यह संभव हो पाया है और आज ये सभी मजदूर अपने अपने घरों की ओर रवाना हो रहे है।
धर्मेन्द्र 01 मई 2020

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