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‘जस्टिस फॉर सिख’ ने चस्पा किया विवादित पोस्टर, आडवाणी और सीएम अमरिंदर को दी जान से मारने की धमकी

नई दिल्‍ली (ईएमएस)। पंजाब मे खालिस्तानी संगठनों की फिर से बढ़ती सक्रियता सरकार के लिए चिंता का सबब बनती जा रही है। आतंकी संगठन ‘जस्टिस फॉर सिख’ ने अब एक और विवादास्पद पोस्टर जारी किया है। उसने विवादास्पद पोस्टर जारी करके पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित पूर्व उप प्रधानमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ मौत का फतवा जारी किया है। हालांकि इस मामले पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारत की खुफिया एजेंसी (आईबी) सतर्क हैं। एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से देख रही हैं। भारत सरकार और जांच व खुफिया एजेंसी जिस तरह से पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह और लालकृष्ण आडवाणी की सुरक्षा से जुड़े मसले को भी सतर्कता के साथ मॉनिटरिंग कर रही हैं।
दरअसल 31 अक्टूबर, 1984 को हुई इंदिरा गांधी की हत्या के बाद एक नवंबर और दो नवंबर से ही राजधानी में सिख दंगा शुरू हुआ था, जिसमें सैकड़ों सिख धर्म समुदाय के लोगों को उस दंगे के दौरान मार दिया गया था। आज भी उसी दंगे के नाम पर जस्टिस फ़ॉर सिख संस्था का प्रमुख परविंदर सिंह पन्नू पंजाब-दिल्ली से लेकर विदेशों में भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। हर साल सिख दंगा की बरसी पर आतंकी पन्नू ऐसे ही गीदड़ धमकी देता रहता है। लेकिन जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से ये अमेरिका के शहर न्यूयॉर्क में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियों और नेताओं पर हमले की तैयारी और हत्या करने वाले को बदले में इनाम की राशि का ऐलान कर रहा है। इस मसले पर भारत सरकार को भी विशेष ध्यान देने की बेहद आवश्कता है। इस मामले पर इंडियन वर्ल्ड फोरम के सेक्रेटरी जनरल पुनीत सिंह चंडोक ने भी बयान देते हुए कहा कि ये आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू आज तक किसी भी सिख समुदाय के उन दंगा पीड़ितों में से एक लोगों की भी कोई कानूनी मदद या किसी अन्य तरह से कोई नहीं की है, न ही मदद करने का कोई इरादा है, लेकिन दंगा पीड़ितों को भड़काने का प्रयास वो हमेशा से करता रहा है। ये पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हाथों कठपुतली बनकर उसी के इशारे पर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करता रहता है।
इसके साथ ही इस मामले पर पुनीत सिंह चंडोक ने भी कहा कि गुरपतवंत सिंह पन्नू खालिस्तान और सिख फ़ॉर जस्टिस के मसले को आगे बढ़ाने के लिए और मीडिया की लाइमलाइट में आने के लिए कुछ भी करने को अक्सर तैयार रहता है, जिससे उसकी खालिस्तानी सोच को बढ़ावा भी मिले और उसको मीडिया में लाइमलाइट भी मिले। इसी का शायद तकाजा है कि उसने पांच नवम्बर को दिल्ली से लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट को रोकने के लिए अपनी खुराफाती दिमाग का प्रयोग कर रहा है। इसके लिए वो किसी भी स्तर पर जाने के लिए वो प्रयासरत है। लेकिन इन सभी हरकतों से उसे कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है क्योंकि उसकी इस हरकत से भारत में सभी वाकिफ हैं। इंडियन वर्ल्ड फोरम के सेक्रेटरी जनरल पुनीत सिंह चंडोक ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को ललकारते हुए चुनौती दी है कि “अगर हिम्मत है तो अपनी मांद से बाहर निकले और किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के सार्वजनिक स्तर के बहस वाले मंच पर आए तब मुझसे बात करके दिखाए”। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी बब्बर, बिन्दा, गुरपतवंत सिंह पन्नू, निज्जर, पम्मा, रोड़े जैसे लोमड़ियों के पीछे बैठकर क्यों इन कठपुतलियों का सहारा लेता है।
विपिन/ ईएमएस/ 02 नवंबर 2020