मध्य प्रदेश

कांग्रेस के समानांतर चल रहे संगठन कराए जाए बंद

-उपचुनाव में मिली हार के बाद फिर उठी मांग
भोपाल (ईएमएस)। विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद कांग्रेस नेताओं द्वारा पार्टी के समानांतर चलाए जा रहे सगंठनों को बंद करने की मांग एक बार फिर उठी है। कांग्रेस मुख्यालय के साथ प्रदेश अध्यक्ष को भी इस बारे में शिकायत भेजी गई है। मांग की गई है कि पार्टी से जुड़े नेता ही अलग-अलग नाम से अपने संगठन चला रहे हैं। इससे पार्टी कमजोर हो रही है।
कमलनाथ सरकार के रहते पहले भी कांग्रेस के समानांतर कांग्रेस नेताओं द्वारा संचालित किए जा रहे संगठनों को प्रतिबंधित करने की मांग उठी थी। प्रदेशभर के कई शहरों में राजीव विकास केंद्र, राहुल गांधी युवा ब्रिगेड, इंदिरा सेना, नेआओं के नाम पर फैंस क्लब जैसे तमाम संगठनों को खुद कांग्रेस के नेता पदाधिकारी ही चला रहे हैं। उपचुनाव की हार के बाद अब आरोप लग रहे हैं कि कांग्रेस की नियमित गतिविधियों की बजाय इन संगठनों को चलाने वाले नेता धरने-प्रदर्शन से लेकर अलग-अलग आयोजन अपने-अपने सगंठनों के नाम पर करते हैं। इस दौरान कई संगठन आयोजनों के नाम पर चंदाखोरी भी करते हैं। आम लोगों में इससे गलत संदेश तो जाता ही है। इन संगठनों को चलाने वाले लोग पार्टी की बजाय अपने संगठन के लाभ-हानि को देखते हुए काम करते हैं। बीते दिनों कांग्रेस ने ऐसे संगठनों को प्रतिबंधित करने की बात कही थी लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा। अब हार के बाद समीक्षा में ऐसे संगठनों पर कार्रवाई की मांग एक बार फिर उठी है।

अध्यक्ष बने रहेंगे
उपचुनाव की हार के बाद चुनाव वाले जिलों में जिला कांग्रेस और शहर कांग्रेस अध्यक्षों पर कार्रवाई की बात चल रही थी। परिणाम के सप्ताह भर बाद भी प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से किसी को हटाने को लेकर किसी तरह का आदेश नहीं गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि फिलहाल दोनों अध्यक्षों को अभयदान दे दिया गया है।
विनोद/ 18 नवम्बर 2020