मध्य प्रदेश

जन्म से दिव्यांग करीना 17 साल की उम्र में पहली बार अपने पाव पर चली

-मानस भवन में चल रहा दिव्यांगों को कृत्रिम अंग वितरण
भोपाल (ईएमएस)। । एकलेरा राजगढ़ से आयी 17 वर्षीय करीना जिनके जन्म से ही दोनों पाव नही थे। आज मानस भवन में कृत्रिम अंग लगने के बाद जब पहली बार चली तो उसकी आंखो में खुशी के आंसू भर आए, उसके मम्मा भी रोने लगे। चौथी क्लास में पढ़ने वाली करीना का कहना है कि वह अब अपने साथियों के साथ खेल सकेंगी, भोपाल उत्सव मेला समिति के संयोजक सुनील जैनाविन ने बताया कि इसी तरह बैतुल से आई अनुसुया उइके जो 22 साल की है का एक पॉव नही था, कृत्रिम अंग लगने के बाद दोनो पॉव से चलने लगी।
भोपाल उत्सव मेला समिति एवं नारायण सेवा संस्थान उदयपुर के सहयोग से राजधानी के मानस भवन में चल रहे कृत्रिम अंग वितरण के अवसर पर, कोई अपने हाथ पाकर खुश था और अपने हाथों से पानी की बोतल उठा रहा था, कोई कृत्रिम हाथ से बेटमिन्टन खेल रहे थे, किकेट भी खेल रहे थे। कार्यक्रम का शुभांरभ माउन्ट एवरेस्ट व दुनिया के 4 महाद्वीप के सबसे ऊंचे शिखर को फतह कर चुकी पर्वतारोही भावना डहरिया ने किया। उन्होने सभी लोगो से मुलाकात करने के साथ ही कृत्रिम अंग बनाने और लगाने की प्रक्रिया को समझा तथा उन्होने लोगो से अपील करते हुये कहा कि आप के आस-पास कोई दिव्यांग हो तो जनवरी के दुसरे हफ्ते में लगने वाले माप शिविर में भाग ले एवं निःशुल्क सेवा का लाभ उठाए।
इस अवसर पर भोपाल उत्सव मेला समिति के कार्यक्रम संयोजक सुनील जैनाविन, ओमप्रकाश खुराना, शैलेन्द्र निगम, वीरेन्द्र जैन, अरविन्द नारद मामा, शारदा राठौर एवं नारायण सेवा संस्थान की डॉ. नेहा अग्निहोत्री, अखलेश अग्निहोत्री,नरेन्द्र, सुशील आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर समिति द्वारा मास्क वितरण किया एवं सैनिटाइजर उपलब्ध करवाया। मेला समिति द्वारा सभी को निःशुल्क चाय,नाश्ता एवं भोजन की व्यवस्था की गई। शिविर प्रतिदिन सुबह 10 से शाम 4 बजे 23 नवंबर तक चलेगा।
ईएमएस/ 19 नवम्बर 2020