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15वां जी-20 शिखर सम्मेलन पीएम मोदी होंगे शामिल

नई दिल्ली (ईएमएस)। जी-20 देशों का शिखर सम्‍मेलन शुरू हो रहा है। इस शिखर सम्‍मेलन में पहली बार दुनिया के 20 देश एक वर्चुअल मंच पर शिरकत करने जा रहे हैं। कोरोना काल में शुरू हो रहे इस शिखर सम्‍मेलन के दौरान उठने वाले मुद्दों के केंद्र में वैश्विक महामारी कोविड-19 के अलावा कई दूसरे मुद्दे भी जरूर होंगे। क्‍लाइमेट चेंज पर जी-20 के रिपोर्ट कार्ड के सामने आने के बाद इस पर भी चर्चा होने की संभावना काफी बढ़ गई है। इसके अलावा कोविड-19 की वजह से पटरी से उतरी अर्थव्‍यवस्‍था को दोबारा पटरी पर लाने के उपाय भी इस सम्‍मेलन में तलाशे जाएंगे। आपको बता दें कि सऊदी अरब पहली बार इस सम्‍मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस सम्‍मेलन के जरिए सऊदी अरब की नजर विश्‍व की दूसरी उभरती आर्थिक शक्तियों के साथ अपने संबंधों को सुधारने पर जरूर होगी। इस जी-20 की स्थापना साल 1999 में हुई थी। पहले इस सम्मेलन में अलग-अलग देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर हिस्‍सा लेते थे। साल 2008 में इसमें देशों के प्रमुखों को शामिल किया गया। इस फैसले का तात्कालिक मकसद 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट पर प्रभावी तरीके से मंथन था। जी-20, 20 देशों का एक समूह है। इसमें अमेरीका, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ हैं।
अजीत झा/देवेंद्र/ईएमएस/नई दिल्ली/21/नवम्बर/2020