व्यापार

आयकर को ऑनलाइन शिकायत


अब आयकर विभाग को किसी कंपनी या आदमी की अघोषित विदेशी संपत्तियों या बेनामी संपत्ति या किसी अन्य तरीके से की जा रही कर चोरी की शिकायत ऑनलाइन भी की जा सकेगी। सीबीडीटी ने बताया कि इस तरह की शिकायत करने के लिए आयकर विभाग ने एक ऑनलाइन विंडो शुरू की है। शिकायत दर्ज होने पर विभाग हर शिकायत के लिए एक यूनिक नंबर आवंटित करेगा, जिसके जरिये शिकायतकर्ता कभी भी अपनी शिकायत की स्थिति जांच सकेगा। यह अच्छी पहल है। जो लोग डर के चलते शिकायत नहीं कर पाते थे, अब वे भी आगे आएंगे। भ्रष्टाचार की दिशा में यह कारगर कदम होगा।

महंगाई दर में राहत
महंगाई के मोर्चे पर एक अच्छी खबर आई है। दिसंबर में खुदरा महंगाई घटकर 4.59 फीसदी रह गई। इसकी वजह सब्जियों के दाम में आई तेज गिरावट रही। खुदरा मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर नवंबर में 6.93 फीसदी रही थी जो पिछले दिसंबर में 7.35 फीसदी थी। हालांकि औद्योगिक उत्पादन के मोर्चे पर अच्छी खबर नहीं है, जिसमें नवंबर में 1.9 फीसदी की गिरावट आई। जानकारों के मुताबिक, इस पर फेस्टिव सीजन डिमांड की समाप्ति और कंपनियों की इनवेंटरी में बढ़ोतरी का असर दिखा। औद्योगिक उत्पादन दो महीने बाद गिरा है। नवंबर में यह 2.1 फीसदी बढ़ा था। महंगाई जनवरी 2021 में भी घट सकती है। जनवरी के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, सब्जियों के दाम में गिरावट जारी रह सकती है। लेकिन इस दौरान खास तौर पर रसोई में इस्तेमाल होने वाले तेलों का दाम बढ़ सकता है।

वॉट्सएप से दूरी
प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव के बाद मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप से लोगों ने दूरी बनाना शुरू कर दिया है। भारत में भी कई दिग्गज हस्तियों ने वॉट्सऐप छोड़कर सिग्नल जैसे दूसरे मैसेजिंग ऐप का उपयोग करना शुरू कर दिया है। इनमें स्टार्टअप कंपनियां और पुराने कॉरपोरेट तथा उनके सीनियर लीडर शामिल हैं। ये लोग अब अपने वर्क चैट और इंटरनल डॉक्युमेंट्स शेयर करने के लिए सिग्नल का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि वाट्सएप कह रहा है कि गोपनीयता भंग नहीं होगी, मगर अब धुआं तो उठ ही चुका है और उसकी आग वाट्सएप की चालाकी को खत्म करके ही मानेगी।

आरक्षण कोटा बढ़ाने की कवायद
मराठा आरक्षण में कानूनी पेच फंसने के बाद महाराष्ट्र सरकार चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आरक्षण कोटा 50 फीसदी से अधिक बढ़ाया जाए। ताकि इसका लाभ अन्य राज्यों के लोगों को भी मिल सके। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इस संबंध में जल्द अन्य मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख सकते हैं। दरअसल, महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण ज्वलंत मुद्दा है। महाराष्ट्र में भी देवेंद्र फडणवीस सरकार ने 2018 में सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए (एसईबीसी) के तहत मराठा समाज को शिक्षा व सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने का प्रस्ताव पारित किया था। इसे हाईकोर्ट ने वैध ठहराया है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है।
13जनवरी/ईएमएस