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पटना में इंडिगो स्टेशन मैनेजर की हत्या


पटना (ईएमएस)। बिहार की राजधानी पटना के वीआईपी इलाके में शुमार पुनाईचक सरेशाम गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। अपराधियों ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए बेखौफ होकर खूनी खेल खेला। शंकर पथ के कुसुम विलास अपार्टमेंट में घुसने से पहले ही वहां पहले से घात लगाकर खड़े बदमाशों ने पटना एयरपोर्ट पर कार्यरत इंडिगो के स्टेशन मैनेजर रुपेश सिंह को गोलियों से छलनी कर दिया। बाद में अपराधी आसानी से फरार हो गए। शंकर पथ पुनाईचक पूरी तरह से सामान्य था। इसके बाद जैसे ही इंडिगो के स्टेशन मैनेजर की हत्या की गई, पूरा इलाका अशांत हो गया। गोलियों की आवाज कुसुम विलास अपार्टमेंट के साथ ही आसपास के अपार्टमेंट में गूंजने से हर कोई हक्का-बक्का हो गया। भागते हुए लोग जब नीचे उतरे तो नजारा देख लोग हिल उठे। लग्जरी कार की ड्राइविंग सीट के पास लगे गेट का शीशा चकनाचूर था। सड़क पर कांच बिखरा था और चालक की सीट पर बैठे मैनेजर पूरी तरह से लहूलुहान थे। करीब 6 गोली लगने से उनका सीना पूरी तरह से छलनी हो चुका था। राजाबाजार स्थित एक निजी अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुसुम विलास अपार्टमेंट में रह रहे लोगों का कहना था कि गोलियों की आवाज उनके कानों तक गूंजी तो वह कुछ समझ नहीं पाये। पहले तो महसूस हुआ कि जैसे अपार्टमेंट के सामने गली की सड़क में पटाखा फूट रहा है लेकिन जब नीचे उतरे तो माजरा देख पैरों तले जमीन खिसक गई। इंडिगो के स्टेशन मैनजर को गोलियां से भूनकर बदमाश भाग चुके थे। इसलिए बदमाश कितने थे और कौन थे, पता नहीं चल सका। बदमाशों को खाकी का कोई खौफ नहीं था। इसलिए फुलप्रूफ योजना के तहत बदमाशों ने पुनाईचक में इस हत्या की वारदात को अंजाम दिया। खास बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश भाग निकले और शहर में जगह-जगह पेट्रोलिंग कर रही पुलिस बदमाशों को पकड़ नहीं सकी। वारदात के वक्त गार्ड मनोज कुमार मौजूद नहीं था। उसका कहना था कि पिछले तीन साल से मैं अपार्टमेंट में नौकरी कर रहा हूं। अब तक ऐसी कोई वारदात यहां नहीं हुई थी। मंगलवार की सुबह मैं अपने एक मित्र के यहां गया था। शाम करीब साढ़े सात बजे जब लौटा तो उससे पहले यह वारदात हो चुकी थी।
अजीत झा/देवेंद्र/ईएमएस/नई दिल्ली/13/जनवरी/2021