देश

महाराजा गायकवाड़ के वारिस को संपत्ति खाली करने के आदेश पर रोक


नई दिल्ली (ईएमएस)। दिवंगत महाराजा रंजीत सिंह गायकवाड़ की राजधानी स्थित संपत्ति को खाली करने को लेकर भूसंपदा निदेशालय के नोटिस पर हाईकोर्ट ने बुधवार को कुछ शर्तों के साथ रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि यदि महाराजा के वारिस 10 लाख रुपये प्रति महीने किराये के भुगतान करते हैं तो रोक प्रभावी माना जाए। यह मामला सफदरजंग लेन स्थित बंगला संख्या 7 से संबंधित है। मुख्य न्यायाधीश डी.एन. पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा है कि यह अंतरिम आदेश संपत्ति को खाली करने के नोटिस के खिलाफ दाखिल याचिका का निपटारा होने तक प्रभावी रहेगा। पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान महाराजा के वारिस की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि संपत्ति के किराया का भुगतान प्रत्येक महीने समय से किया जा रहा है। महाराजा इसका किराया 7500 रुपए हर महीने देते थे। मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि यह देश की राजधानी दिल्ली है, बड़ौदा का कोई गांव नहीं। पीठ ने कहा कि यदि 10 लाख रुपये हर महीने किराया दिया जाता है तो नोटिस पर रोक माना जाए। साथ ही कहा है कि इस राशि का उपयोग जनहित कामों के लिए किया जाएगा। याचिका के अनुसार राजधानी स्थित विवादित संपत्ति को महाराज ने 7500 रुपये किराये के लीज पर लिया था। बंगला खाली करने के भूसंपदा महानिदेशालय के नोटिस पर रोक लगाने की मांग करते हुए महराजा के वारिसों ने पीठ के समक्ष लीज की राशि के पूर्ण भुगतान का दस्तावेज भी पेश किया। महजराजा रंजीत सिंह गायकवाड़ की 2012 में निधन हो गया। उनकी मौत के बाद वर्ष 2013 में 25 साल पुराने इस संपत्ति विवादका निपटारा किया गया था।
अजीत झा/देवेंद्र/ईएमएस/नई दिल्ली/14/जनवरी/2021