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मप्र के तीन ‎जिले मार्च तक बनेंगे डिजिटल


योजना में इंदौर, बैतूल और विदिशा ‎जिला शा‎मिल
भोपाल (ईएमएस)। प्रदेश में तीन ‎जिलों को डिजिटल बनाने की कवायद शुरु हो गई है। योजना के तहत इंदौर, बैतूल और विदिशा ‎जिलों को शा‎मिल ‎किया गया है। इन ‎जिलों को मार्च महीने तक डिजिटल बनाने का लक्ष्य तय ‎‎किया गया है। मालूम हो ‎कि डिजिटल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम में पायलट आधार पर इन ‎जिलों का चयन वर्ष 2019 में हुआ था और एक वर्ष के भीतर इन्हें डिजिटल जिले बना दिए जाने थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते बैंकों के सामने कई चुनौतियां रही। इसलिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति ने मार्च 2021 तक समयावधि बढ़ा दी है। इस योजना के तहत अधिकांश क्षेत्रों में लेन-देन डिजिटल तरीके से किया जाएगा। इधर, भोपाल में भी इस तरह की कवायद शुरू की गई है। जिला अग्रणी बैंक इसे लेकर कार्ययोजना बना रहा है। साथ ही नगर निगम के माध्यम से लोगों को डिजिटल भुगतान को लेकर बढ़ावा भी दे रहा है। छह जनवरी को हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 177वीं बैठक में डिजिटल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम विषय भी शामिल था। इसमें पायलट आधार पर चयनित इंदौर, बैतूल एवं विदिशा को लेकर चर्चा की गई थी। इसमें बताया गया कि मार्च तक इन जिलों को सौ फीसद डिजिटल में सक्षम बनाना है। साथ ही कलेक्टरों को भी समीक्षा करने का आग्रह किया गया। आगामी समय में प्रदेश के अन्य जिलों का चयन भी किया जाएगा। नेट बैंकिंग का उपयोग, सरकारी व निजी क्षेत्र में क्यूआर कोड, पीओएस मशीन जारी करना समेत अन्य मानकों पर 100 फीसद उपलब्धि हासिल की जाना है। इसके बाद ही डिजिटल जिले बनेंगे। इंदौर व विदिशा की तुलना में बैतूल कुछ मानकों में पीछे है। बिजली बिल समेत अन्य भुगतान डिजिटल तरीके से करने, शॉपिंग मॉल, किराना दुकान, पेट्रोल पंप आदि जगह भुगतान के लिए विभिन्न् डिजिटली तरीके अपनाने, डिजिटल साक्षरता के लिए शिविर आयोजित करने आदि की कवायदें होगी। इस संदर्भ में जिला अग्रणी बैंक भोपाल प्रबंधक शैलेंद्र श्रीवास्तव का कहना है ‎कि भोपाल जिले में भी डिजिटल भुगतान को लेकर बढ़ावा दे रहे हैं। नगर निगम के माध्यम से वार्डों में जाकर लोगों को इस बारे में समझा रहे हैं। पथ विक्रेताओं को भी इस तकनीक से जोड़ रहे हैं।

सुदामा नर-वरे/14जनवरी2021