धार्मिक

भगवान हमेशा अपने भक्तों के इर्द-गिर्द रहते है : रामदेव

रामसनेहीघाट-मसौली बाराबंकी । जब-जब धर्म की हानि होती है। अधर्म व पापों का बोल बाला होता है, तब-तब भगवान पृथ्वी पर जन्म लेकर पापियों का सर्वनाश कर धर्म व मानवता की रक्षा करते हैं। यह बात क्षेत्र के जार मऊ गांव में रामकुमार यादव के यहां श्रीमद्भागवत कथा के दौरान वाचक श्री रामदेव जी महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि द्वापर युग में कंस के अत्याचार बढ़े तो भगवान ने श्री कृष्ण के रूप में माता देवकी की कोख से जन्म लिया व कंस का वध कर पृथ्वी को पापमुक्त किया। भगवान प्रेम के भूखे हैं मोहमाया के नहीं। लेकिन मनुष्य आज मोह, माया के जाल में फंसकर भक्ति भाव व आध्यात्म से दूर हो रहा है। मनुष्य सच्चे हृदय से भगवान की सेवा एवं ध्यान करें तो वह अपने जीवन में दुःखों से कोसों दूर रहेगा।। श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा व्यास वक्ता आचार्य रामदेव यादव महाराज ने श्रीकृष्ण रासलीला की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान हमेशा अपने भक्तों के इर्द-गिर्द रहते हैं, वह भक्त के जीवन में जब चाहे आ सकते हैं, दिल से भक्त बुलाए तो बांके बिहारी दौड़े चले आते हैं। राम कुमार यादव के घर कथा श्रवण के दौरान श्रोता विजय कुमार, अजय यादव, अरविंद यादव, अमितराज, उपेंद्र यादव, कुलदीप, पिन्टू, दिलीप, मनीष, अनूप, लालू यादव, पंकज यादव, अखलेश यादव आदि ने कथा का रसपान किया।/मोहने/ 13 मई 2019

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