मध्य प्रदेश

गर्मी बढी तो ट्रेनों में बढी पानी की खपत


ट्रेनों के कोचों में जल्दी पानी भरने बूस्टर पंप लगा रहा रेलवे
भोपाल (ईएमएस) । प्रदेश में गर्मी बढी तो ट्रेनों में भी पानी की खपत बढ गई है। इस खपत को पूरा करने के भोपाल रेल मंडल भी खास तैयारी कर रहा है। ट्रेन के कोचों में जल्दी पानी भर जाए, इसके ‎लिए भोपाल स्टेशन पर जल्दी पानी भरने बूस्टर पंप लगाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, भोपाल से दिल्ली जाने तक ट्रेन के एक कोच में औसतन 900 लीटर पानी लगता था, जो कि अब 1800 लीटर लगने लगा है। यानी पानी की खपत दोगुनी हो गई है। इस वजह से ट्रेनों में निर्धारित स्टेशनों पर बार-बार पानी लोड करना पड़ रहा है। भोपाल स्टेशन में इसके लिए क्विक वाटर सिस्टम लगाया जा रहा है। इसमें बूस्टर पंप लगे होते हैं, जो साधारण व्यवस्था की तुलना में जल्दी पानी पानी भरने में उपयोगी होते हैं। ठंड व बारिश की तुलना में यात्री गर्मी के चलते बार-बार पानी का उपयोग करते हैं इस वजह से खपत बढ़ जाती है। भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन से रोजाना रात को शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन तक जाती है। इस ट्रेन के एक कोच में 450 लीटर के चार टैंक है, जिनमें 1800 लीटर पानी रखने की क्षमता है। बारिश व ठंड के दिनों में हबीबगंज से लोड किया गया 1800 लीटर पानी हजरत निजामुद्दीन स्टेशन तक आधा ही उपयोग होता है। जब ट्रेन दिल्ली से हबीबगंज आती है तब भी इसी पानी का उपयोग होता है। बीच में भरने की जरुरत नहीं पड़ती। हालांकि शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस में पानी लोड करने के लिए झांसी स्टेशन को चिन्हित किया है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के दिनों में 1800 लीटर पानी हबीबगंज से दिल्ली तक खर्च हो जाता है। इस वजह से दोनों दिशाओं में ट्रेन के गुजरने पर झांसी में पानी भरना पड़ता है। इन दिनों सभी ट्रेनों में पानी की खपत बढ़ गई है, जो मई और जून में और बढ़ जाएगी। साधारण पाइप लाइन से ट्रेन के कोचों में पानी भरने से अधिक समय लगता है। ट्रेन को अधिक समय तक रोकना पड़ता है। इस तरह ट्रेन लेट हो जाती है। वहीं दूसरी तरफ रेलवे विभाग ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए कई स्तर पर प्रयास कर रहा है। ट्रेनों की गति प्रभावित करने वाली सभी समस्याओं को सुलझाया जा रहा है। रेलवे ने इसी दिशा में ट्रेनों के अंदर कम से कम समय में पानी लोड करने के लिए क्विक वाटर सिस्टम लगाने की शुरूआत कर दी है। झांसी रेलवे स्टेशन पर यह सिस्टम काम कर रहा है। भोपाल रेल मंडल के भोपाल, इटारसी में लगाया जा रहा है। बीना, संत हिरदाराम नगर, हबीबगंज में भी इसे चालू करने की तैयारी है। भोपाल स्टेशन पर साधारण पाइप लाइनों से कोच के अंदर पानी भरते समय लीकेज होता है। ठीक से पाइप नहीं लगे होने पर पानी बर्बाद होता है, ले‎किन यह सिस्टम लगाने के बाद पानी की बरबादी रुक जाएगी।
सुदामा नर-वरे/06अप्रैल2021