मध्य प्रदेश

बिलों में आपत्ति लगने से कर्मचारी हताश


जबलपुर, ०८ अप्रैल (ईएमएस)। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संमन्वय समिति के जिलाध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन ने बताया कि प्रदेष के कर्मचारी कोषालय की तानाशाही एवं हटधर्मिता के चलते वेतन को छोड़ अन्य स्वात्वों के भुगतान हेतु प्रताड़ित रहते है। हमेशा कर्मचारियों को अपने ही स्वात्वों के भुगतान हेतु कार्यालय एवं कोषालय के चक्कर काटना पड़ता है और जब तक कर्मचारी चड़ौतरी नहीं चड़ाते तब तक उन्हे उनके ही स्वात्वों का भुगतान नहीं हो पाता ऐन केन प्रकारेण वेतन को छोड़ हर वित्तीय मामले में आपत्ती लगाई जाती है। यही वजह है कि बहुत ज्यादा जरूरत मंद कर्मचारी अपने ही स्वात्वों के भुगतान हेतु कोषालय मे चड़ौतरी चड़ाने हेतु मजबूर हो जाता है यह कर्मचारियों का शोषण है इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। नही तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। कोषालय द्वारा अनावश्यक आपत्ती लगाने की वजह से उनके बिचौलिये हरकत में आ जाते है और दलाली का काम सुचारू रूप से चलता है जिसका खामियाज़ा सिर्फ और सिर्फ कर्मचारियों को ही भुगतना होता है। विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को अपने ही जी.पी.एफ और एरियर्स की राशि के भुगतान हेतु कोषालय के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ता है ऐसे में कोषालय संबधित कर्मचारी के विभाग की गलती और विभाग कोषालय की गलती बताकर कर्मचारियों को गुमराह करते है फल स्वरूप जब कर्मचारी चढ़ौतरी चढ़ाता है याने जब गुप्त रूप से लेन देन होता है तब कर्मचारियों को उनके ही अधिकार का उनका अपना पैसा उन्हे मिल पाता है। संघ ने बताया कि सबसे ज्यादा इन परेशानियों का सामना सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उठाना पड़ता है सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने ही स्वात्वों के भुगतान हेतु अपने विभाग के साथ ही कोषालय के चक्कर काटते काटते थक कर इनकी लगाई जा रही आपत्तियों से बचने हेतु इनकी जेबें गरम करना पड़ता है यह कार्यरत और सेवानिवृत्त दोनो ही कर्मचारियों के लिए बड़ी विडम्बना है। संघ के प्रांताध्यक्ष उदित भदौरिया, रॉबर्ट मार्टिन, मीनूकांत शर्मा, कैलाश शर्मा, जियाउर्रहीम, ऋषि नारायण पराशर, दिनेश गौंड़, विवेकानंद शर्मा, शहीर मुमताज़, हेमंत ठाकरे, विनोद सिंह, हर प्रसाद चड़ार, अजय मिश्रा, ओम प्रकाश ठाकुर, अनूप सिन्हा, मनीष नाम देव, विजय मरावी, इंद्रजीत सिंह, राम कृष्ण विश्वकर्मा, लक्ष्मण दास शर्मा, धमेन्द्र गुप्ता, ब्रजेश पटेल, राम राज पटेल, राजकुमार यादव, एस.बी.रजक, अनूप डाहट, अशोक परस्ते, मनीष झारिया आदि ने शासन से मांग की है कि अनावश्यक लगाई जा रही आपत्तियों पर अंकुश लगाया जाए।
सुनील // मोनिका //०८ अप्रैल २०२१ // १२.१५