मध्य प्रदेश

रेमडेसिविर: जरुरत 1200 इंजेक्शन की, मिल रहे हैं 400 से 600


मरीज के परिजन दिनभर भटक रहे हैं इंजेक्शन के लिए
भोपाल (ईएमएस)। कोरोना मरीजों के ‎लिए राजधानी में रोजाना करीब 1200 रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत है, लेकिन ‎मिल पा रहे हैं रोजाना 400 से 600 इंजेक्शन । ऐसे में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज के परिजन दिनभर इंजेक्शन के लिए भटक रहे हैं। इतना ही नहीं, नेताओं और अफसरों के पास सिफारिश लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें हर जगह से निराशा मिल रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों को हो रही है। हालत यह है कि कई गंभीर मरीजों को भी इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल में करीब 900 मरीज आईसीयू और हाई डिपेंडेंसी यूनिट में भर्ती हैं। इसके अलावा 2300 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। स्वास्थ्य आयुक्त के निर्देश हैं कि आईसीयू और हाई डिपेंडेंसी यूनिट में भर्ती सभी मरीजों को और ऑक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती मरीजों में 10 फीसद के मान से सरकारी और निजी अस्पतालों को इंजेक्शन दिया जाएगा। इस लिहाज से हर दिन कम से कम 1200 मरीजों को इंजेक्शन की जरूरत है। सरकारी अस्पतालों को इंजेक्शन जिला प्रशासन की तरफ से वहां भर्ती मरीजों की संख्या के आधार पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि निजी अस्पतालों को यह इंजेक्शन खाद्य एवं औषधि प्रशासन की देखरेख में बांटा जाता है ।औषधि प्रशासन के निर्देश पर स्टॉकिस्ट से सीधे अस्पतालों को इंजेक्शन की आपूर्ति की जा रही है। पहले मरीज के परिजन को खुद अस्पताल की तरफ से मांग पत्र लेकर स्टॉकिस्ट पास जाना पड़ रहा था, लेकिन 4 दिन से सीधे अस्पताल को ही इंजेक्शन की आपूर्ति की जा रही है। औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि निजी अस्पतालों का और अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है इसमें सभी निजी अस्पताल अपनी अपनी मांग हर दिन डालते हैं। सभी निजी अस्पतालों को मिलाकर करीब दो हजार इंजेक्शन की मांग हर दिन की जाती है, इसमें करीब 300 इंजेक्शन ही हर दिन मिल पाते हैं।
सुदामा नर-वरे/01 मई2021