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व्यंग

व्यंग्य

रोड रोलर और मजदूर का पेट! शहर की पुरानी सड़क। सड़क घुट-घुट कर मर रही है। दोनों तरफ के दुकानदार फुटपाथ पार कर बीच सड़क तक पसर चुके हैं। या यूं कहिए सरकार ने इनको सड़क पार तक पसार दिया है। सड़क का विधिपूर्वक गला घोंट दिया गया है। सरकार का एक भतीजा बड़ा ठेकेदार […]

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वक्रासन

     “सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो” सोचने पर कोई टेक्स नही है। पर अगर लगा दिया जाए तो? सरकार कोई ऐसा सॉफ्टवेयर बनाये जो देश के हर नागरिक के शरीर में लगाना अनिवार्य हो।आधार कार्ड से लिंक कर दिया जाए।इसमें अगर आप किसी का गलत सोचेगे या अपने पड़ोसियों से लड़ने झगड़ने, जलने का […]

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व्यंग्य रचना सादर प्रेषित

व्हेल के अंदर नेता कौन? -विक्रमादित्य ने हठी बेताल का शव अस्पताल की खिड़की से उतारा। वह फेसबुक लाइव हो गया। तब गढ्डों को आपस में जोड़ कर बनी सड़क पर चलने की कोशिश में वह कूदने-फांदने लगा। तभी शव का बेताल कहने लगा- हे राजा विक्रम! आज मैं तुम्हें कहानी सुनाऊंगा। इस कहानी का […]

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पप्पू की जाएगी बारात

     बेचारे पप्पू की बारात जाने से अब कोई नहीं रोक सकता क्योंकि वह 12वीं पास हो गया। काफी उम्मीदें थीं लोगों को उसके पास होने की, खासकर उसके पिता और दोस्तों को। पप्पू को किसी अध्यापक व प्रिंसिपल ने नहीं बल्कि कोरोना की मेहरबानी तथा स्वयं देश के प्रधानमंत्री ने पास किया था। यह अपने […]

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और डाकू बन गया गार्ड

‘कोई भी लूट लो’ (केबीएलएल) बैंक मैनेजर गरीबदास ने बहुत मिन्नतें करी। फिर भी डाकू सत्येंद्रसिंह ने बैंक लूटने से साफ मना कर दिया। साफ कहा कि आज हम बंदूके लेकर नहीं आए हैं और बिना बंदूकें लूटना डाकू बिरादरी में बड़ा अपमानजनक होगा। तब बैंक मैनेजर डाकू के चरणों में गिरता हुआ अनेकों प्रकार […]

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डॉक्टर हवाचंद फेंफड़े वाला!

व्यंग्य रचना सादर प्रेषित ऐय्य! फेंफड़े ले लो! किडनी ले लो! ऐय्य! आंखें ले लो! पुराने फेंफड़े बदलवालो! ऐय्य! किडनी बदलवालो! ऐय्य! भैनजी! नए होंठ लगवा लो! होंठ-फेंफड़े बदलने वाला तुम्हारी गली में आया है। अभी नए फेंफड़ों का मौसम छाया है। कोरोना भाग जाएगा अगर तुम्हारी अच्छी काया है। डॉक्टर ने तुम्हारी गली में […]

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आए हैं तो लूट के भी जाइए!

– रामविलास जांगिड़  और बैंक में डाकू आ गए। जहां बैंक होते हैं वहां डाकू ही आते हैं। किसान-मजदूर के पास कुर्की के लिए मैनेजर उनके झोंपड़े में जाते हैं। सरकार ने हर बैंक में अपने ढंग के डाकुओं की शानदार व्यवस्था की हुई है। जब मैनेजर गरीबदास को डाकुओं के आने के शुभ समाचार […]

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बदलाव का प्रतीक है कोरोना

हम जमाने से सुनते आये है कि दुनियां हमेशा से बदलती रही है। अगर दुनिया नहीं बदले तो आदमी आगे नहीं बढ़ता है। दुनियां बदलती है तो आदमी भी बदलता है। दुनिया के बदलने से प्रगति की भी लहर आती है। इसी लिए मेरा मानना है कि कोरोना भी बदलाव का ही दूसरा रूप है। […]

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मास्टरजी!

व्यंग्य  पुलिस आई और शिक्षक को गिरफ्तार करके ले गई। असरकारी विद्यालय का सरकारी शिक्षक! शिक्षक पर पुलिस ने यह आरोप लगाया कि यह शिक्षक आज प्रातः 11:00 बजे स्कूल में पढ़ाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। बैरक में बंद। बिखरे बाल। लटका चेहरा। शिक्षक बेचारा जैसे कोई हो मजदूर बेसहारा। गिरफ्तार कर लिया गया। […]

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वन्दौ दलाल पद पदुम परागा!

दलाल की स्तुति में चमचों ने बहुत कुछ लिखा है। वन्दौ दलाल पद पदुम परागा। कुरुचि कुवाष कुरस कुरागा। चमचों ने दलाल का महत्व बताते हुए उसके स्मरणमात्र से होने वाले लाभ को भी बतलाया है। दलाल की कृपा से  मुख्यमंत्री पद की कुर्सी भी मिल जाती है और कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव से नेगेटिव और […]