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कोरोना से लड़ने के लिए राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान क्वॉरेनटाइन एवं आइसोलेशन फैसिलिटी बनेंगे  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के आह्वान पर कोरोनाजैसी वैश्विक महामारी से निपटने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों ने अपनी तरफ से युद्धस्तर पर कार्य शुरू किये हैं। इस कड़ी में हमने भी अपने स्तर पर कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के […]

मनोरंजन

आईबीएफ मेंबर्स अगले दो महीनों के लिए चार पेड चैनल मुफ्त करेंगे

: इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन (IBF) COVID-19 के प्रकोप के खिलाफ अपनी लड़ाई में भारत सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है। हालांकि आईबीएफ के निर्वाचक व्यक्ति महत्वपूर्ण अनिश्चितताओं का सामना करते हैं, COVID-19 के प्रकोप के कारण उद्योग के लिए विज्ञापन राजस्व पर प्रभाव को देखते हुए, हम इन कठिन समय में लोगों की मदद […]

मनोरंजन

हम घर के अंदर, तो कोरोना बाहर

 एंड टीवी ने सभी लोगों से एक साधारण सी बात का पालन करने की गुजारिशकी है और वह है- ‘‘हम घर के अंदर, तो कोरोना बाहर’। इसकाउद्देश्य खुद को, अपने परिवारवालों को और अपने साथी भारतीयों को सुरक्षितरखने में मदद करना है।  घरेलू काॅमेडी- ‘हप्पू की उलटन पलटन तेल में चुपड़े बाल, माथे पर लटकतीघुमावदार […]

काव्य ग़ज़ल

हर शख़्श अब परेशां क्यों है..

पूरे देश मे लॉक  डाउन … हर बंदा अपने घर मे , अरे अपने ही घर में, अपने अपनों के साथ में  , पूरी तरह आज़ाद, ना आफिस  जाने की जल्दी, ना काम का बोझ, ना पेंडिंग फाइल्स, ना बॉस की डांट, ना गाड़ी में पेट्रोल का ख़र्च, ना सड़क पर जाम और प्रदूषण से […]

काव्य ग़ज़ल

वो दिन आएगा

ज़ख़्मे – जिगर ना देखो हमारा , आपकी आरज़ू को अपना ख़्वाब बना लिया ‌। अपने दिल के हर एक पन्ने को  आपकी यादों की किताब बना लिया । उम्मीद पे आपकी एक जहां बसाया है  आप आओ या  ना आओ हमें तो हर सांस में लगता है  आप का पैग़ाम आया है । जब […]

काव्य ग़ज़ल

कोरोना -पापों की अति की इति

मुकमाटी महाकाव्य आचार्य श्री विद्यासागरजी द्वारा रचित ,से ली गई ये पंक्तियां – और ,यह भी इक अकाट्य नियम है कि अति के बिना , इति से साक्षत्कार संम्भव नही है,और इति के बिना अथ का दर्शन असंम्भव!! अर्थ यह हुआ कि, पीड़ा की अति ही, पीड़ा की इति है। और पीड़ा की  इति ही […]

काव्य ग़ज़ल

हसरत

हसरत है दिल  में तुम्हें  पाने की,  कुछ पल तेरी ज़ुलफ़ो के साए मे बिताने की ।  तेरी   निगाहें-जमाल जो पड़ जाए मुझ पर ,  बीमारे-इश्क को करार आ जाए ।   ए सादग़ी-ए-हुस्न की मलिका ,  ज़रा पलकें तो उठाईये , तलबग़ार है तुम्हारे नैयनों की मदिरा के,  दो बूँद ही सही ग़र मिल […]

काव्य ग़ज़ल

उसका डर…..

वो मुझे अपना कहने से डरती है अपनी शान के आगे झुकने से डरती है कोई दर्द मिला होगा उसे अपनो से इसलिए ग़ैरों को अपना कहने से डरती है कई सवाल अब उसके दिल मे मचलते  है दिल बेचैन है बेक़रार है पर जवाब देने से डरती है मुक़्क़म्मल ख़्वाब ,,वो भी करना  चाहती […]

काव्य ग़ज़ल

घर बनता है

ईंट से,पत्थरों से या घास और डंडों से घर नहीं बनता सिर्फ मिट्टी से या पहाड़ो को काट देने से घर बनता है एक व्यक्ति के सभी सपनों से उसकी मेहनत से उसके भावनाओं से उसकी दिल के जज़्बातों से सिर्फ़ चाहरदीवारी से नहीं बनता सपनों का घर किसी का घर बनता है आपसी मेल […]

काव्य ग़ज़ल

दोहे

विपदा आयी देश पर,हुए देश सब बंद। तनिक वेदना झेल लो,दिन मुश्किल के चन्द।। थोड़ी चतुराई करो,पियो गुन-गुना नीर। कोरोना भगाने का,है अचूक् ये तीर।। माता पथ निहार रही,जो आँखों का नूर। विपदा की इस घड़ी में,वो है घर से दूर।। मत घबराओ आज तुम,इस संकट की रात। थोड़ी सी दूरी रखो, बन  जायेगी  बात।। […]