साहित्य

यमुना की कथा

उत्तराखंड के  गढ़वाल जिला की टिहरी  यमुनोत्री का यमुना नदी का उद्गम स्थल है।उत्तरभारत से होती हुई यमुना जी ब्रज क्षेत्र से हो कर इलाहाबाद के संगम में विलीन हो जाती है।त्रिवेडी संगम में गंगा और सरस्वती नदी के साथ यमुना गुप्त रूप में मिलती है और वहाँ से विलीन हो जाती है।यह तो यमुना […]

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मौज़ूदा समय के आसपास ‘शब्दों के कैनवास’

पुस्तक समीक्षा डॉ. सारिका मुकेश का हाइकु-संग्रह ‘शब्दों के कैनवास’ मेरे सम्मुख है। इससे पूर्व उनके तीन हाइकु-संग्रह पाठकों द्वारा अत्यन्त स्नेह से देखे और पढ़े गए हैं। प्रत्येक पृष्ठ पर तीन-तीन हाइकु दे कर पाठक के लिये सुविधाजनक स्थिति बना दी गई है । हाइकु कब और कहाँ पर लिखा गया है, यह विवरण […]

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शिष्टाचार!

क्या हिन्दू कॉलेज के प्रिंसिपल श्रीमान कर्र भीतर हैं?” “जी। वे अंदर ही है।” चपरासी ने जवाब दिया। “उनसे कहिए कि संस्कृत कॉलेज के प्रिंसिपल ईश्वरचंद्र विद्यासागर उनसे मिलना चाहते हैं।” “जी साहब।” चपरासी अंदर गया और एक क्षण पश्चात बाहर आया। “साहब आपको बुला रहे हैं।” “ठीक है।” विद्यासागर ने प्रवेश किया। “नमस्कार श्रीमान!” […]

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पुस्तक समीक्षा

मानवीय संवेदनाओं का पिटारा है काव्यसंग्रह “अगर इज़ाज़त हो” मानव मन सदा से संवेदनशील रहा है और यही गुण उसके भीतर एक छटपटाहट, एक अज़ीब क़िस्म की बेचैनी उत्पन्न करता है। अगर इसी बेचैनी को व्यक्त करने के लिए कोई कविता को माध्यम बनाए और कविता कहने से पूर्व आपकी इजाज़त माँगे तो दिल में […]

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आम आदमी की पीड़ा का दस्तावेज़ है ‘कफ़न में जेब है’ व्यंग्य संग्रह

पुस्तक  समीक्षा यह सच है कि हिन्दी साहित्य में व्यंग्य विधा को लम्बे समय तक उपेक्षित होने का दंश झेलना पड़ा है। कई दिग्गज़ व्यंग्यकारों के सीन पर उपस्थित रहकर निरंतर संघर्ष करने के बावजूद बरसों तक हिन्दी के नामवर आलोचकों की दृष्टि ने इसे गम्भीर सृजन की कोटि में नहीं रखा परन्तु फिर भी […]

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लघु कथा

अनजाने रिश्ते रीता की तबियत आज सुबह से ही कुछ खराब थी।उधर आज उसे अपने गांव भी जाना था।छोटे बेटे को साथ ले जा रही थी,बड़े बेटे को परिवार के साथ छोड़ कर जाना था। फटाफट सारे काम निबटा कर ।खाना पैक किया तभी 2 बज चुके थे।कपड़े चेंज किये और टैक्सी पकड़ कर निकल […]

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लघुकथा-

बुढिया… `बहुत हो गया पिताजी। मैं अब उस बुढिया को ओर नहीं झेल सकता।`, इक्कीस वर्षीय समीर ने झल्लाते हुए अपने पिताजी से कहा। – ये क्या कह रहे हो बेटा? तुम उसके क़रीब जाकर तो बेठो। उसके क़िस्से कहानियों को आत्मसात करो। फिर देखना एक दिन ऐसा आएगा जब वो तुम्हे  बहुत प्रिय लगेगी। […]

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रामबदन की उलझनों का कर्ज

————————————– पथिक अपने पथ पर वेहिचक चला जा रहा था। काली सनसनाती रात सूनसान सडक विरानों की सन्नाटा के बीच वह निर्भीक चल रहा था। दरअसल उसे रात दो बजे तक मील में ड्यूटी पकड़नी थी।गाँव से मील की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है आज उसकी नाईट सिफ्ट थी।घर से वह देर से निकला इसलिए […]

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Gracy Singh released Jasse Singh Kalsi’s book ‘The Power of Home Numbers

 The book ‘The Power of Home Numbers’, based on numerology and architecture written by Jasbir Singh Kalsi, an eminent Indian-origin numerology based in the US, was released at The Club Mumbai by Superhit film Lagaan fame actress Gracy Singh, where Ambdnya Entertainment’s Directors Gitanjali Rao and Sudhakar Shetty, photographer Demosh Rao and anchor Anupama Singh […]

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तलाश

… “समझ में आ गया क्या बच्चो?“ मैंने अपने चिर-परिचित अंदाज में दसवी कक्षा के विद्यार्थियों को अंग्रेजी का एक निबन्ध पढ़ाने के बाद पूछा ӏ हालाँकि मैं ये बखूबी जानती थी, की उन्हें यह पाठ समझ में नहीं आया है ӏ क्योंकि जिस स्तर का वो निबन्ध था, शायद उस स्तर के विद्यार्थी कक्षा-कक्ष […]