काव्य ग़ज़ल

ईमानदारी से कर्म करो

ईमानदारी से कर्म करो कभी किसी से नहीं डरो गांठ बाँध लो बात हमारी ऊँची होगी पहचान तुम्हारी जो हैं डरते सच्चाई से कभी न करते सच्चे कर्म क्या हुआ जो नहीं मिला पर ईमानदारी ही है सच्चा धर्म बईमानी की सेज पर जो बैठा है उसके लिए सब सिर्फ पैसा ही पैसा बईमानी का […]

काव्य ग़ज़ल

हमारी जान है हिंदी,

हमारी जान है हिंदी, हमारी प्राण है हिंदी मातृभाषा हिंदी, हमारा अरमान है हिंदी । हमारा आन है हिंदी, हमारा बान है हिंदी हमारा शान है हिंदी, हमारा पहचान है हिंदी । हिन्दुस्तान है हिंदी , हिन्दुस्तानी हिंदी हम-आप हैं हिंदी , पूरा देश है हिंदी । मान-सम्मान है हिंदी, सारा ज्ञान है हिंदी हमारा […]

काव्य ग़ज़ल

” हिंदी हमारी शान ; तब बना है हिंदुस्तान “

माँ हिंदी है, पिता है हिंदू धरती हिंदुस्तान है, ये भारत की भाग्य विधाता, ये भारत की शान है | प्रेम, शांति की जुबां हिंदी का गौरव गान है, युगों-युगों से सब कहते हैं, हिंदी बड़ी महान है!! तो फिर मुझको एक बात बताओ, जरा ना तुम कतराना, पीछे ना तुम पग धरना औ’ जरा […]

काव्य ग़ज़ल

पत्थर पर पेड़

वट वृक्ष का फल चिड़ीया चोंचले फड़ फड़ाई उड़ाले चली घने जंगल जहां नदी, पानी नही, समंदर             हिंसक शेर की डरावनी दहाड़ से             जंगल में हलचल गुंजायमान             पक्षी परिंदे जानवर देवे खबर चिड़ीया चट्टानी पत्थर पर बिज रख देखे सुने कुत्ते मुर्गे 4 बजे बाग दे सुनहरे स्वर्णिम पक्षी के स्वर             […]

काव्य ग़ज़ल

हिन्दी

नये अब गुल खिलाना चाहती है। ये खुलकर मुस्कुराना  चाहती है। दिलों में घर  बनाना  चाहती  है। नहीं कोई   खजाना  चाहती  है। शिकायत हर मिटाना चाहती है। सियासत को  हराना  चाहती है। नहीं कुछ भी  पुराना  चाहती है। नये  नगमे    सुनाना   चाहती है। अदावत को  मिटाना  चाहती है। समय अच्छा बिताना  चाहती है। जहां को  […]

काव्य ग़ज़ल

गम़्माज़ चौकीदार

खिल-खिलाती  जिंदगानी लिखूं। बहते हुए दरिया का पानी लिखूं। एहतियातन याद न रखूं एहसासअपने, एहतियाज होतो पूरी मुंहजबानी लिखूं। मोहब्बती ताजसजा अब्र केफलक पर, अहलियाके आंखोंकी निगहबानी लिखूं। मुल्क गिरफ्तार हुआ जालिमों के हाथ, उस गम़्माज़ चौकीदारकी कहानी लिखूं। वालिद की बन्दिश मिलना इक़बाल रहा, ज़ाकिर खुदाके कलमकी मेहरबानी लिखूं। ————“———— गम़्माज़= भेदिया, चुगलीबाज।    एहतियातन= […]

काव्य ग़ज़ल

कविता

             है हिन्दुस्तान…… हमारी हिन्दी हम हिन्द देश के वासी, है भाषा हमारी हिन्दी । हम प्रान्त-प्रान्त के वासी, है अभिलाषा हमारी हिन्दी। हम गांव-शहर के वासी, है जिज्ञासा हमारी हिन्दी। हम भांति-भांति के लोग, है जाति हमारी हिन्दी। हम रीति-रीति के लोग, है नियति हमारी हिन्दी। हम विभिन्न पृष्टभूमि के लोग, है संस्कृति हमारी […]

काव्य ग़ज़ल

ड्रीम गर्ल

छोटी दुकान मीठा पकवान,हँसाती, गुदगुदाती, प्रेम कहानी लेखक, निर्देशक राज शांडिल्य अदाकार आयुष्मान खुराना, नुसरत भरुचा, मनजोत सिंह, अन्नू कपूर, विजय राज, अभिषेक बनर्जी, राजेश शर्मा, मनजोत सिंह, हँसती, गुदगुदाती, प्रेम कहानी ■मुख्तसर ख्याल समीक्षा से पहले, आपने लैला मंजनू, शीरी फरहाद, रोमियो जूलियट, हीर रांझा के बारे में सुना ही होगा लेकिन वर्तमान समय […]

काव्य ग़ज़ल

प्रेम क्या चीज है?”

यूं ही बैठे-बैठे खयाल आया; मन मैं बस एक सवाल आया। आखिर यह प्रेम क्या चीज है? जिसके पीछे दुनिया दीवानी हुई जाती है। मां की छाती से जो टपकता है, पिता के बाजुओं में जो पलता है। भाई के मधुर स्नेह से जो पनपता है, या जो राखी बनकर कलाइयों पर सजता है। आखिर […]

काव्य ग़ज़ल

अभिमान बढ़ाएं मिलकर हम

चलो हिन्दी का मान और सम्मान बढ़ाएं मिलकर हम विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाएं मिलकर हम..।। मातृ भाषा की गरिमा को हम कभी नहीं झुकने देंगे करो प्रतिज्ञा आज सभी अभिमान बढ़ाएं मिलकर हम..।। प्रेम भाव सद्भाव सिखाती है हमको हिन्दी भाषा हर दिन हिन्दी दिवस मनाएं अभियान चलाएं मिलकर हम..।। बेबस और […]