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आदिवासियों की बेचैनी को समझ सत्ता में इमानदारी से मौका दे

देश में आजादी के बाद से ही ज्यादातर सत्तारूढ़ सरकारों ने आदिवासियों के साथ कथनी और करनी में भेद किया है। ये भोला-भाला समाज हमेशा से ही केन्द्र व राज्य सरकारों की उपेक्षा का शिकार बना रहा है। सरकारी उपेक्षा के चलते ये समाज न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से महरूम रहा […]

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युवा दिवस और युवाओं के लिए संदेश

स्वामी विवेकानंद जी एक ऐसे शख्स है जिस पर सिर्फ भारत वासियों को नहीं समूची मानव जाति को उन पर गर्व है इन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी से टूटी हुई भारतीय जनता को फिर से उठ खड़े होने के लिए प्रेरित किया। वास्तव में किसी भी युग पुरुष की जयंती मनाने का मतलब उनको सिर्फ याद […]

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नये वर्ष के नए संकल्प

– डॉ.राजेश कुमार शर्मा पुरोहित कवि साहित्यकार       लो आ गया नूतन वर्ष। दिल से करें सभी दो हज़ार बीस का अभिनन्दन। ठिठुरती ठंड में गरीबों को कम्बल बांटते समाज सेवी नेताओं की सोशल मीडिया पर सेल्फी दिखने लगी। कहीं मोमबती जलाकर बेटी की तस्वीर को लिए शहर में बेटी बचाओ के नारे लगाता जन […]

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सबसे हटकर अभिनय करती थीं साधना

जानी मानी अभिने त्री साधना  जिंदगी के आखिरी पल तक सिनेमा से प्यार करती रहीं।  साल 2015 में क्रिसमस के दिन उनका अवसान  उनकी क्रिश्चियन सहयोगिनी फ्लोरा के लिए बहुत गमगीन होने की वजह बना।उस रोज सुबह साधना ने आखिरी सांस ली थी।  दिसम्बर के तीसरे हफ्ते में ही उन्होंने बाजी राव  मस्तानी  फिल्म देखी […]

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नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजन्स

हर राज्य की अपनी मौलिक समस्याएं हैं |हर राज्य में नागरिकों/ग्रामीणों का गठन अलग-अलग ढंग से हुआ है | अधिकतर हर राज्य में भाषा और रहन-चलन-खान-पान भी अलग-अलग है | हमारें १७ राज्यों की सीमाएँ, पडोसी देशों से लगती हैं |  सिर्फ भारत में ही भारतीय उपमहाद्वीप के साथ-साथ, एशिया, अफ्रीका और खाड़ी के देशों […]

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इंसान और प्रकृति दोनों के कानून सख्त क्यों नहीं ?

डॉ.शोभा जैन हमारे देश में जहाँ  गंगा, यमुना और उसकी सहायक नदियों को जीवित व्यक्ति का दर्जा दे दिया और उन्हें मनुष्यों के समान कानूनी अधिकार दिये गये इससे यह प्रमाणित हैं कि मनुष्य और प्रकृति दोनों के लिए नियम तो हैं|पर किसी भी देश में कानून होना और उसका परिपालन होना दो अलग अलग […]

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काकोरी एक्शन के शहीदों ने चूमा था फांसी का फंदा: राहुल इंक़लाब

मरते ‘बिस्मिल’ ‘रोशन’ ‘लहरी’ ‘अशफाक’ अत्याचार से । होंगे पैदा सैंकड़ों इनके रुधिर की धार से।। : रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ देश के नौजवानों को अपनी गजलों – गीतों और साहसिक कारनामों से आजादी का दीवाना बनाने वाले काकोरी एक्शन के नायक राम प्रसाद बिस्मिल और आजादी की लड़ाई में हिन्दू-मुसलमानों के बीच एकता का प्रतीक बने […]

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सबसे जुदा है अभिनय के शहनशाह-दिलीप कुमार

कालेज के दिनों में उनके बालो का ढंग बड़ा ही विचित्र था,उनके बिखरे बालो को देखकर प्रोफेसर सहज रूप में कहा करते थे ‘क्या तुम सब लड़के मिलकर चन्दा इकट्ठा करोगे कि मि.खान के बाल बन सके। फुटबॉल के तो इतने शौकीन थे पर घरवाले चाहते थे कि वे शतरंज सीखे और उन्हें शतरंज कतई […]

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रियल एस्टेट की धीमी गति के बावजूद

अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट में तेजी – मोनू रात्रा, सीईओ, आईआईएफएल होम फाइनेंस – तेजी से शहरीकरण और शहरों की तरफ लोगों के आगमन ने भारत में शहरी आवास की कमी के गंभीर संकट को जन्म दिया है, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए। 2000-2016 की अवधि के दौरान, दुनिया भर में आवास की […]

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दरिन्दों को फांसी आखिर कब?

जिस देश में नारी पूजी जाती है वहाँ प्रतिदिन बालिकाओं का , महिलाओं का बलात्कार हो रहा है ।गैंगरेप होना भी हमारे देश में एक आम घटना होती जा रही है, दिनदहाड़े बालिकाओं का अपहरण हो रहा है।बलात्कारी बलात्कार कर भाग जाते हैं या उन बालिकाओं की हत्या कर देते हैं ।  डाक्टर प्रियंका रेड्डी […]