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स्व सहायता समूह का गठन

स्व-सहायता समूह के बारे में जब  बात करते है तो हमारे जेहन में निर्धन लोगो का ख्याल आता है जो कि  बहुत, ही थोड़ी राशि  बचाते है,अपने समूह में ही कम धनराशि  एक दूसरे को दे पाते है एवं अपनी समस्याओ को स्वयं ही सुलझाते है i आदिकाल से मनुष्य एकत्रित होकर अपने निकटतम संबंधियों […]

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” वर्तमान में जीएं “

हमारा वर्तमान ही हमारा जीवन है। जो बीत गया, उसे बदला नहीं जा सकता। जो होना है, उसे टाला नहीं जा सकता। जागृत रहकर हम विवेकयुक्त कार्यों एवं विचारों से अदृश्य शक्ति की की सहायता लेते हुए उसका परिष्कार कर उसे अपने अनुकूल बना सकते हैं। यह तभी संभव है, जब हम वर्तमान पर ध्यान […]

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भाजपा के लिये चुनौती भी और चिन्ता भी

-ललित गर्ग – हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव नतीजे अनुमान के विपरीत आए हैं। भाजपा को पूरा विश्वास था और मतदान पश्चात के सर्वेक्षण भी बता रहे थे कि दोनों राज्यों में भाजपा को ऐतिहासिक जीत हासिल होंगी, यह भाजपा का अहंकार था या विश्वास। भले ही दोनों ही प्रांतों में सत्ता विरोधी लहर नजर […]

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मिलावटी बिगाड़ न दें त्यौहार

दिवाली में अब सप्ताह भर से कम समय बाकी रह गया हैं। त्योहार पर लोग एक दूजे को मिठाई व अन्य उपहार देते हैं, इसलिए मिठाई की बिक्री त्योहार के दौरान काफी बढ़ जाती हैं। मिलावटखोर इसका फायदा उठाते हुए सक्रिय हो जाते हैं। त्योंहार के अवसर पर देश में खाद्य पदार्थों में मिलावट का […]

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*संस्कृति और परम्परा के साथ दीपावली*

भारतीय संस्कृति में त्योहारों का बहुत ही महत्व है।हर त्योहार काफी धूमधाम से मनाया जाता है, उनमें से दीपावली सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है।दीपावली को एक तरह से माने तो यह रौशनी से जगमगाती त्योहार है।अंधेरों में रौशनी से जगमगाती अंधेरे को हटाकर उजाला यानी रौशनी लाने को दर्शाती है। हर तरफ रौशनी से जगमगाता नजर […]

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सीएसई में सफलता के लिए विश्लेषणात्मक कौशल का विकास आवश्यक

 यूपीएससी की परीक्षा पैटर्न में हाल ही में कुछ बदलाव किए गए हैं जिसके अनुसार यूपीएससी अब विशेष ज्ञान और जानकारी पर नहीं बल्कि विश्लेषणात्मक कौशल पर ध्यान देगा। यूपीएससी की परीक्षा में बदलावों के अनुसार अब यह मायने नहीं रखेगा कि छात्र कितना ज्ञानी है बल्कि यह मायने रखेगा कि वह जानकारी को कितनी […]

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क्या यह सम्भव नहीं विद्यार्थी अंग्रेजी के बिना उत्तीर्ण हो?

 ब्रिटिश हुकुमत से आजाद होने के बाद लार्ड मैकाले द्वारा वर्ष 1835 में भारत में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू किये जाने के बाद से आज तक अंग्रेजी की उपयुक्तता पर न सिर्फ बहस जारी है बल्कि युवा आत्महत्या कर रहा हैं केवल इसलिए कि उसे अंग्रेजी नहीं आती |इन दिनों हमारे चारों और शिक्षा […]

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दशहरा उत्सव के दौरान फालुन दाफा अभ्यास का परिचय

नवरात्रि और उसके बाद दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक हैं। इस अवसर पर, लोग सांस्कृतिक कार्यकर्मों में शामिल होते हैं, उत्सव के भोजन, नृत्य और मेलों का आनंद लेते हैं। वे अपने जीवन को समृद्ध बनाने के लिए नए विचारों का भी स्वागत करते हैं। इन दौरान, भारत के विभिन्न शहरों […]

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“प्रेम-विवाह” एक नजर

क्या है प्रेम-विवाह? :- यह सर्वविदित है कि जब प्रेम बंधन में बंधे प्रेमी युगल, विवाह के पवित्र गठबंधन में बंध जाते है तो ऐसी स्थिति को “प्रेम विवाह” कहते है। “प्रेम-विवाह” दो शब्दों से मिलकर बना है एक “प्रेम” दूसरा “विवाह” और दोनों ही शब्दों की अपनी – अपनी विस्तृत परिभाषा है। एक ओर […]

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हर लक्ष्य को मन , मस्तिष्क के साथ तैयारी करके पाना संभव होता है ।

किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए साधक को तन ओर मन दोनों से सामान रूप से तैयार होना चाहिए किसी भी रचना का भाव पहले मन में आता है मन उसको अपने हिसाब से संवार कर मस्तिष्क को सौंप देता है फिर उस कार्य के लिए मस्तिष्क  सारी योजना बनाता है जब साधक […]