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हमारे लालच का फल चार दिवारी कैद

सम्पूर्ण विश्व आज कोरोनावायरस से लड़ रहा है। जिससे भारत भी अछूता नहीं रहा है। जिसका असर हम सभी के जीवन पर सीधे तौर पर दिखाई दे रहा है। यह एक बड़ी समस्या है जिससे हम सभी लड़ रहे हैं। कोरोनावायरस के चलते हैं हम सभी अपने ही घरों में कैद होने के लिए मजबूर […]

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करॉना वायरस – जैन धर्म की दृष्टि से…*

जैन धर्म को सूक्ष्म धर्म कहा जाता है जिसने सूक्ष्मता को अपनाकर कितनी ही आत्माआे को तारा और मोक्ष की प्राप्ति करवाई है।जैन धर्म एक ऐसा धर्म है जो अपने कर्मों पर विश्वास रखता है क्योंकि क्षण क्षण हमारे साथ जो कुछ भी हो रहा है वह सिर्फ और सिर्फ हमारे पाप और पुण्य कर्मों […]

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किसानों के सम्मानजनक जीवन के लिए है

देश में छोटे और सीमांत किसानों को प्रत्यक्ष रूप से आयसहायता प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 1 दिसंबर 2018 से ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’का प्रारंभ किया गया। योजना से छोटे और सीमांत किसानों को अपनी निवेश और दूसरी आसन्न जरूरतों को पूरा करने के लिए एक पूरक आय प्राप्त हो सकेगी, […]

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कृषि विशेषज्ञ स्व. रमेशचन्द्र तिवारी द्वारा रचित साहित्य आज भी कृषकों के लिए प्रासंगिक है

स्व. रमेषचन्द्र तिवारी कृषि विभाग में सह-संचालक के पद से सेवानिवृत्त हुए।    कृषकों के हितार्थ उनके द्वारा रचित साहित्य आज भी कृषकों के लिए प्रासंगिक है।  उन्होंने अपने कार्यकाल में कभी भी सरकारी आवास ग्रहण नहीं किया तथा सरकारी वाहन का उपयोग भी कार्यालयीन दौरों हेतु ही उपयोग कर चालक को वाहन कार्यालय में अड्डे […]

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तस्वीरों पर फुल चढ़ाए या ना चढ़ाए विचारों पर जरूर चढ़ाए

23 मार्च 1931  समय 7:33 मिनट स्थान लाहौर सेन्ट्रल जेल, तीन नोजवानों को (उम्र यही थी 23 -24 वर्ष) समय से पूर्व नियमों को तांक पर रखकर फाँसी दे दी जाती हैं। कौन थे वो नोजवान? क्यो था ब्रिटिश हुकूमत को उनकी फाँसी के लिए इतना उतावला पन? हाँ अपराध तो बड़ा गम्भीर था उनका, […]

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23 मार्च डॉक्टर लोहिया जयंती

गांधी और आंबेडकर के बीच सेतु हैं डा. लोहिया                                                      रामस्वरूप मंत्री जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं.’ गैर-कांग्रेसवाद के जनक और समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया का यह कथन आज की सरकारों के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है जितना 1960 के दशक में जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की सरकारों […]

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सामाजिक चेतना का विकास होना जरुरी है

व्यक्ति जीवन के हरेक पहलू से परिचित है। अच्छे – बुरे, सुख -दुःख, धर्म – कर्म, लोभ – मोह इत्यादि। परन्तु मृत्यु का नाम सुनकर चेहरे का रंग उड़ जाता है। चिंता की रेखाएं मस्तिष्क पर इस तरह उभर आती है मानो एक अकेला वहीं है जिसे मृत्यु सताये जा रही है। यदि जीवन सत्य […]

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दिन एक : मुड अनेक

एक दिन, एक इंसान और घंटे 17  लेकिन मुड अनगिनत। वो कुछ ऐसे की…1 दिन में 24 घंटे है उसमें 6 से 7 घंटे इंसान सोता है जिसमें से बचे 17 घंटे। 1 दिन में 17 घंटे लेकिन व्यक्ति की मन: स्थिति कितनी अनेक।इसे मन: स्थिति कहो या मनोदशा कहो या भाव कहो, यह सभी […]

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‘‘हेट स्पीच’’ को रोकना होगा

कोई मुष्किल नहीं है हिंदू या मुसलमां होना/हां बड़ी बात है, इस दौर में इंसां होना ‘‘हेट स्पीच’’, भड़काऊ भाशण का चलन कोई नया नहीं है, मगर खेद का विशय यह है कि जब जब जिस जिसने भड़काऊ भाशण दिया अथवा बात कही, उसके विरुद्ध सरकार ने चाहे वह कांग्रेस की रही हो या अब […]

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कोरोनावायरस कहीं पड़ ना जाएं आप की जेब पर भारी

कोरोनावायरस जिसकी शुरुआत कुछ महीनों पहले ही चाइना के वुहान शहर में हुई। लेकिन अब शायद ही ऐसा कोई होगा जो कोरोनावायरस से परिचित ना हो। जिसका कारण कोरोनावायरस का पूरे विश्व में तेजी से फैलना रहा है। जिसके चलते हर देश इस से बचने के प्रयास कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोनावायरस […]