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‘पानीपत’ के लिए इस्तेमाल हुए असली आभूषण

जोधा अकबर के बाद, निर्देशक आशुतोष गोवारिकर ने एक बार फिर से अपनी प्रसिद्द रचना पानीपत के लिए असली सोने और हीरे के आभूषणों का प्रयोग किया है। आशुतोष गोवारिकर 18वीं शताब्दी से जुड़ी एक फिल्म बना रहे थे, इसलिए वह नहीं चाहते थे कि आभूषण नकली दिखें। उन्होंने इस बात का ख़ास ख्याल रखा कि उस युग के हिसाब से सब कुछ वास्तविक होना और दिखना चाहिए। इसलिए उन्होंने फिल्म के लिए असली आभूषण का उपयोग करने का फैसला किया।इस कलेक्शन को पी.एन. द्वारा डिजाइन किया गया था। गाडगिल ज्वैलर्स अग्रणी ज्वेलरी ब्रांड ने आभूषणों के प्रत्येक टुकड़े को उस युग के अनुसार बेहद अनूठे और सावधानीपूर्वक दस्तकारी के साथ तैयार किया गया है। पी एन गाडगिल ने इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनकर बेहद ख़ुशी जाहिर की। पानीपत की पूरी फिल्म के लिए लगभग 2800 गहनों का इस्तेमाल किया गया था। आभूषणों के निर्माण के लिए एक लम्बी रिसर्च की गई, इसके लिए म्युसियम में मौजूद कुछ पुरानी पेंटिंग्स को देखा गया, और उन इतिहासकारों के रिसर्च और जानकारियों का अध्यन किया गया, जिन्होंने उस युग के बारे में लिखा है। रूबी, पन्ना, मोती और अनकट हीरे जैसे रत्नों का उपयोग सीन्स को ऐतिहासिक बनाने और इस ऐतिहासिक महाकाव्य में चकाचौंध जोड़ने के लिए किया गया है।

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