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उत्सव भारतीय समाज, संस्कृति की प्राण वायु : मोदी

नयी दिल्ली, 08 अक्टूबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्सव को भारतीय समाज और संस्कृति की प्राण वायु बताते हुए देशवासियों से देश की बेहतरी के लिए संकल्प लेने का मंगलवार को आह्वान किया।

श्री मोदी ने राजधानी के द्वारका में दिल्ली विकास प्राधिकरण के मैदान पर विजयादशमी के अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। इससे पहले उन्होंने रामलीला का मंचन देखा और राम लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले पात्रों का अभिनंदन किया और टीका लगाया। उन्होंने बाद में तीर चलाकर 107 फुट ऊँचे रावण, मेघनाथ तथा कुम्भकरण के पुतले का दहन भी किया।

उन्होंने कहा, “ उत्सव हमारी संस्कृति और जीवन के प्राण तत्व है। उत्सव हमें जोड़ते भी हैं। उत्सव हम सभी उमंग भी भरते है। उत्साह भी भरते हैं और हमारे सपनों को सजने का सामर्थ्य भी देते हैं। ”

उन्होंने कहा कि भारत उत्सवों की भूमि है। शायद ही 365 दिन में कोई एक दिन भी ऐसा होगा जब हिन्दुस्तान के किसी न किसी कोने में उत्सव न मनाया जाता हो। उन्होंने कहा कि हजारों साल की सांस्कृतिक परम्परा के कारण हमारे देश ने उत्सवों ने भी सांस्कारिक शिक्षा और सामूहिक जीवन को एक निरंतर प्रशिक्षण देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि उत्सव के कारण हमें ‘क्लब कल्चर’ में जाना नहीं पड़ा।

उन्होंने कहा कि भारत शक्ति साधना का देश है। पिछले नौ दिन हमने मां का पूजन किया। हम कन्याओं को पूजते हैं और दीपावली में भी बेटियों को पूजें। उन्होंने सामूहिकता की शक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए भगवान राम और कृष्ण से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि आज विजयादशमी भी है और एयरफोर्स दिवस भी है भारत आज हमारी वायु सेना पर गर्व करता है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपिता महत्मा गाँधी की 150वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मौके पर देशवासियों से इस बात का संकल्प लेने की अपील की और कहा कि सभी को पानी बचाने, बिजली बचाने और अन्न बर्बाद न करने का संकल्प लेना चाहिए। इससे पूरे देश को फायदा होगा।

अरविन्द.संजय

वार्ता

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