मध्य प्रदेश

भर्ती रैली: सेना को दलाल सक्रिय होने की आशंका

सूचना बोर्ड लगाकर अभ्यर्थियों को चेताया
भोपाल शहर में सैनिक भर्ती रैली में शामिल होने के लिए प्रदेश भर से बेरोजगार युवा आए हुए हैं। भर्ती रैली में दलालों के सक्रिय होने की आशंका चलते सेना ने युवाओं को सचेत किया है कि वे इस तरह के जालसाजों को झांसे में न आए।
युवाओं को सचेत करने सेना ने भर्ती रैली की जगह पर बकायदा सूचना लगाई है। इस बोर्ड में लिखा है कि भर्ती में दलालों और बिचौलियों से सावधान रहें, उन्हें स्र्पया देने से बचें। आर्मी के अफसरों का कहना है कि इसके बावजूद कुछ युवक चयन के लिए स्र्पए गवां बैठे हैं लेकिन वे अब इसकी रिपोर्ट भी नहीं कर रहे हैं। राजधानी के लाल परेड ग्राउंड पर 6 नवंबर से आर्मी की सैनिक भर्ती रैली शुरू हुई है। इसमें भोपाल सहित प्रदेश के 9 जिलों रायसेन, होशंगाबाद, विदिशा, राजगढ़, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा तथा सीहोर के युवक शामिल हो रहे हैं। दस दिनों में करीब 45 हजार युवक इस भर्ती रैली में शामिल होंगे। आर्मी के वरिष्ठ अफसरों को सूचना मिली है कि दलाल और बिचौलिए भी सक्रिय हो गए हैं जो भर्ती के नाम स्र्पए वसूल रहे हैं। दलाल करीब बीस से पचास हजार स्र्पए तक ले रहे हैं। इसी के चलते आर्मी ने ग्राउंड पर चेतावनी के बोर्ड लगवाए हैं। इस पर लिखा है कि सेना की भर्ती पूर्णतया: पारदर्शी है। किसी भी बिचौलिए या दलाल को कोई पैसा न दें। भर्ती प्रक्रिया में इनकी कोई भूमिका नहीं है। कोई भी आपकी लिखित, शारीरिक और चिकित्सा परीक्षा में कोई भी मदद नहीं कर सकता है। आपकी काबिलियत से आप पास हो सकते हैं। दलालों और बिचौलियों से सावधान रहें। यदि कोई आपको इस तरह का कोई आश्वासन देता है तो इसकी रिपोर्ट दर्ज कराएं।
फिजिकल टेस्ट के नाम पर युवकों को सोलह सौ मीटर की दौड़ में शामिल होना होता है। यह दौड़ करीब साढ़े पांच मिनट में पूरा करनी होती है। शुक्रवार को करीब 3900 युवकों ने दौड़ लगाई। हालांकि तय समय में सिर्फ 316 युवक की क्वालीफाई कर सके। इसके बाद इन्होंने मेडिकल टेस्ट दिया। आर्मी अफसरों के मुताबिक दौड़ के कारण सबसे ज्यादा युवक इस भर्ती रैली से बाहर हो रहे हैं। आर्मी अफसरों ने बताया कि जिला प्रशासन से भर्ती रैली के लिए जो इंतजाम मांगे गए थे वे पूरे नहीं हो सके हैं। जिला प्रशासन से दस मोबाइल टॉयलेट मांगे गए थे, लेकिन छह ही मिले हैं। इसमें से भी ओवरफ्लो हो रहा है। मौके पर गंदगी फैल रही है। इसी तरह दौड़ने के लिए ट्रैक को भी सुधारा नहीं गया है। इस बारे में
आर्मी भर्ती रैली नोडल ऑफिसर एवं एडीएम वंदना शर्मा का कहना है कि नगर निगम के पास ही सात मोबाइल टॉयलेट हैं, उसमें से छह आर्मी की भर्ती रैली को दे दिए हैं। इसी तरह जहां भर्ती चल रही है वह ग्राउंड पुलिस का है। इसलिए उसका ट्रैक सुधारने की जिम्मेदारी भी पुलिस की थी।
सुदामा नर-वरे/09नवंबर2019

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