मध्य प्रदेश

मैया मैं नहीं माखन खायो, कान्हा की प्रस्तुति पर श्रद्धालु भावविभोर हुए

  • महारासलीला महोत्सव के तृतीय दिवस माखनचोरी के मंचन की प्रस्तुति देखकर भाव विभोर हुए श्रद्धालु।
    भोपाल। महारासलीला का भव्य आयोजन मानसभवन,श्यामला हिल्स,भोपाल में भोपाल उत्सव मेला समिति, वसंतोत्सव महारासलीला समिति एवं तुलसी मानस प्रतिष्ठान के संयुक्त तत्वावधान में ब्रजभूमि धाम की सुप्रसिद्ध रासलीला मंडली के द्वारा मधुर प्रस्तुतियां की गयी। आज रासलीला के तृतीय दिवस माखनचोरी और पूतना वध लीला का अनूठा मंचन किया गया। राधे राधे की धुन के साथ मंगल भजन के साथ भक्तिमय माहौल में शुरूआत हुई।
    माखनचोरी लीला में गोपिकाओं के द्वारा भगवान कृष्ण को माखनचोरी की शिकायत मां यशोदा से जब की गयी तो भगवान कृष्ण ने कहा मैया मैं नहीं माखन खायो ये तो ग्वालबालों ने मेरे मुख पर दधि लपेट दिया है। बालसुलभ चरित्र को देखकर श्रोता भावविभोर हो गए। माखनचोरी लीला के संबंध में आपने बताया कि नंदबाबा के यहां सैकडो गाँयें थी फिर भी भगवान कृष्ण घर-घर जाकर माखन चोरी किया करते। गोपिकाएं भगवान कृष्ण की मां यशोदा इस बात का उलाहना तो देती है लेकिन भीतर से उनका मन यही चाहता है कि कन्हैया किसी न किसी बहाने उनके घर आएं माखन चोरी करे ताकि वे उसके दर्शन पा सके। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण का नृत्य रास राधाजी और सखियों के साथ प्रस्तुत किया गया। इसमें भगवान रास के बीच-बीच में अंर्तध्यान हो जाते है तब राधा सखियों से पूछती है कि मेरे श्याम को किसी ने देखा है?
    रासलीला के मयूर नृत्य के संबंध में पंडित श्रीनाथ शर्मा ने बताया कि भगवान को मोर का पंख बहुत प्रिय है। इसका अध्यात्मिक कारण है कि मोर निष्काम रहता है। जिसका दूसरा कोई पक्ष नहीं हो उसे भगवान अपने पक्ष में लेकर सिर में धारण कर लेते है। आपने कहा कि बरसाने में आज भी मोरकुटी नामक का प्रसिद्ध स्थल है जहां सैकडों की संख्या में मोरो को नृत्य करते देखा जा सकता है।
    माखनचोरी लीला के बाद पूतना वध का प्रसंग में बताया गया कि पूतना कंस के आदेश से भगवान कृष्ण को मारना चाहती है इसलिए उसने भगवान कृष्ण को दुग्धपान कराया। आपने कहा कि पूतना का अर्थ जो पवित्र न हो। परन्तु भगवान को तो पतित पावन को कहा गया है। इसलिए उन्होंने पूतना को मुक्ति प्रदान की। रासलीला के माध्यम से कृष्ण और गोपिकाओं के बीच मधुर प्रस्तुतियों को दर्शकों को झूमने के लिये मजबूर कर दिया। भगवान कृष्ण के जयकारों से गुंजायमान हो गया।
    कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि जयवर्द्धन सिंह,केबिनेट मंत्री म.प्र.शासन विधायक श्रीमती कृष्णा गौर के द्वारा आरती कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जयवर्द्धन सिह ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा देश विभिन्न सांस्कृतिक, ऐतिहासिक धरोहरों के रूप में विश्व में पहचाना जाता है। धार्मिक आयोजन राजधानी भोपाल की पहचान बन चुके है। सभी समाजों के द्वारा आयोजित किये जाने धार्मिक आयोजन हमारी सामाजिक समरसता को मजबूत बनाते है।
    इस अवसर पर रमाकांत दुबे, राजेश वर्मा सोनी,पार्षद सोनू भाभा, अनुपम अग्रवाल, अजयश्रीवास्तव नीलू, रामबाबू शर्मा, कैलाश जोशी, देवेन्द्र रावत,राकेश सिंघई,अभिनय कासलीवाल, कमल जैन श्वेता, किरण सुरजन,श्रीमती रमा बंग आदि मौजूद थे।
    आयोजन समिति के महामंत्री राजेशवर्मा सोनी ,स्वागत सचिव पार्षद सोनू भाभा ने बताया कि कल बुधवार 13 नवंबर को गोवर्धन पूजा और खाटूश्याम सुंदर भव्य और अनुपम प्रस्तुति होगी। प्रतिदिन अनेक समाजसेवी संस्थाओं की ओर से माखन मिश्री के प्रसाद का वितरण किया जा रहा है।
    हरि प्रसाद पाल / 12 नवम्बर, 2019

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