मध्य प्रदेश

सब चुप क्यों हैं? सर्व धर्म सदभावना मंच ने दी श्रद्धाजंलि और दरिंदो को फांसी की मांग

भोपाल। हाली में हुई डॉ प्रियंका रेड्डी – के साथ बलात्कार की घटना की सर्व धर्म सदभावना मंच की और से आज कड़े सब्दों में निंदा करते हुए सभी दोषियों को फांसी की मांग की है। सोमवार को इक़बाल मैदान में श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। श्रद्धाजंलि कार्यक्रम का आयोजन सदभावना मंच के सचिव हाजी मोहम्मद इमरान एवं डॉक्टर फादर आन्नद मुडुंगल दुवारा किया गया जिसमें सभी धर्मों के धर्म गुरुओं एवं समाज सेवियों ने भाग लेकर डॉक्टर को श्रद्धांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस मौके पर हाजी इमरान ने कहा कि बढ़ती बलत्कार की घटनाओं से बेटियों में डर का माहौल पैदा हो गया है और केंद्र सरकार तमाशाई वनी हुई है। पूर्व की घटनाओं के अपराधियों को अगर फांसी दे दी गई होती तो ये अपराधी ऐसे अपराध की सोच से भी दूर होते हाजी इमरान ने तुरंत दोषियों को खुले आम सजाए मोत देने की मांग की है। दूसरी और हाजी इमरान ने कहा कि कोई भी सहायता सहयोग या श्रधांजलि सभाए इस ज़ख़्म को नही भर सकती। आखिर कब तक देश की जनता बेटियों को श्रद्धांजलि देती रहेगी और अपराधि खुली सांस लेते रहेगें। हाजी इमरान ने उच्चतम न्यालय से मांग की है कि बलत्कार की घटनाओं के लिए इस्लामी क़ानून अपनाने में कोई हर्ज नही, इस्लाम मे ऐसे अपराध की सज़ा सिर्फ फांसी या सजाए मोत है जिसको लागू करना समय की बड़ी ज़रूरत है। जिससे देश की बेटियां सुरक्षित हो और पीड़ित परिवार को भारत सरकार द्वारा 5 करोड़ रुपए राहत राशि दी जाए। हालांकि ये सहायता किसी प्रकार से पीड़ित परिवार के जख्मों को नही भर सकती बस नासूर बनने से रोक सकती है। कार्यक्रम में डॉक्टर फादर आन्नद मुडुंगल ने कहा कि दोषियों के विरुद्ध बिना समय बिताए फांसी की कार्यवाही की जाए कोई भी समाज धर्म बेटियों के साथ हो रहे घिनोने अपराधों को बर्दाश्त नही कर सकता। अपराध की गति बढ़ती जा रही है ये एक घटना नही इससे पहले की घटनाओं के अपराधी भी अभी तक सज़ा के इंतज़ार में जेलों में मुफ्त की रोटियां तोड़ रहे हैं, शाक्य पुत्र भंते सागर जी ने पीड़िता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कड़े शब्दों में घटना की निदा की, मोहम्मद कलीम एडवोकेट ने कहा कि आखिर कब तक आम जन और संस्थाए इन घटनाओं की निंदा करती रहेंगी। सरकार को उचित फैसला और बलात्कारियों के खिलाफ सख़्त क़ानून बनाने की बजाए सिर्फ एक कानून को अपनाते हुए दोषियों को फांसी देने के इस्लामी क़ानून को फॉलो करना होगा, शेख़ मूर्तज़ा अली बोहरा जमात, टी आर गहलोत, मनोज जैन, लज्जा शंकर हरदेनिया, मेहरा जी, आर के ददोरिया,हनीफ अय्यूबी, हाफिज ईस्माइल बैग, मुजाहिद मोहम्मद खान, मुफ़्ती राफे, आदि शामिल हुए।
हरि प्रसाद पाल / 02 दिसम्बर, 2019

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