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आपदा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों के प्रति रहें संवदेनशील: राकेश कुमार प्रजापति

जिला में विभिन्न जगहों पर किया गया मेगा मॉक अभ्यास
धर्मशाला। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिलाधीश कांगड़ा राकेश कुमार प्रजापति ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आपदा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों के प्रति संवेदनशील रहने का आग्रह करते हुए आम नागरिकों से भी आपदा प्रबंधन के महत्व को समझने और सुरक्षा को लेकर सजग रहने की अपील की है। उन्होंने आपदा से निपटने के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए समय समय पर मॉक ड्रिल कराने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
जिलाधीश ने मेगा मॉक अभ्यास पूर्ण होने के उपरांत यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि आज भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने की प्रशासनिक तैयारियों को परखने के लिए राज्य स्तरीय मैगा मॉक अभ्यास आयोजित किया गया और इसी क्रम में कांगड़ा जिले में जिला मुख्यालय सहित अन्य जगहों पर यह अभ्यास किया गया।
उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भूकंप जैसी किसी आपदा के समय बेहतर प्रबंधन के लिए प्रशासन की तैयारियों एवं क्षमता का आकलन करना और प्रबंधों एवं व्यवस्था में कमियों का पता लगाकर विश्लेषण एवं सुधार करना था। उन्होंने कहा कि प्रशासन अभ्यास के दौरान सामने आई कमियों को ठीक करेगा, ताकि ऐसी किसी भी स्थिति से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।
राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि अभ्यास के दौरान आपदा से निपटने की तैयारी, चेतावनी, प्रतिक्रिया, बचाव और राहत जैसे आपदा प्रबंधन के सभी चरणों को गंभीरता से पूरा किया गया और इस दौरान सामने आई कमियों को भी नोट किया गया।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय एवं सहयोग से आपदा का कुशल प्रबंधन, खोज, राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी तरीके से संचालित करने में सफलता मिली।
इसमें सेना की भी मदद ली गई तथा उनकी ओर से इस अभ्यास की निगरानी के लिए एक अधिकारी तैनात किया गया था। सेना के अधिकारी ने अभ्यास के दौरान गतिविधियों को लेकर अपनी आब्जर्वेशन बर्ताइं।
जिलाधीश ने कहा कि यह अभ्यास एक काल्पनिक घटना को आधार बना कर किया गया। इस घटना के अनुरूप कांगड़ा जिले के विभिन्न भागों में प्रातः लगभग 8.30 बजे 8 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केन्द्र मंडी जिले का सुंदरनगर था। जिसे लेकर डीसी ऑफिस से आपातकालीन हुटर बजाया गया। इसे सुनते ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अन्य विभाग तुरंत हरकत में आ गये। भूकंप के कारण धर्मशाला के मैकलोडगंज, पुराना चड़ी रोड़ तथा खजान्ची मौहल्ला स्थलों को भूकंप से प्रभावित होने का आधार बनाया गया। जिनमें मैकलोडगंज के 4 होटल जिनमें 5000 पर्यटकों सहित 200 विदेशी पर्यटक, पुराना चड़ी रोड़ तथा खजान्ची मौहल्ला के 25-25 घर शामिल थे। मौके पर पहुंच कर घटना स्थलों के लिए बचाव दलों का गठन किया गया और उन्हें वायरलेस सेट प्रदान कर स्थलों के लिए रवाना किया गया।
घटना प्रतिक्रिया व्यवस्था की कार्ययोजना के तहत बचाव, पुर्नवास के कार्य आरंभ किये गये। इस दौरान प्रत्येक बचाव दल के साथ आपातकालीन वाहन, स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी घटना स्थलों के लिए रवाना की गई। इस दौरान 108 व 102 आपातकालीन सेवा का भी सहयोग लिया गया। पुलिस मैदान में चिकित्सा एवं राहत शिविरों की स्थापना की गई, जहां घायलों को लाया गया, वहीं प्रभावित लोगों के लिए भोजन इत्यादि की व्यवस्था के लिए भी आवश्यक कदम उठाए गए। इस प्रकार सभी विभागों के सहयोग के साथ इस अभ्यास को पूरा किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि भविष्य में भी आपदा प्रबंधन पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ प्रशासन द्वारा आपदा प्रबन्धन को लेकर की जा रही प्रशासनिक तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी।
इसके अतिरिक्त जिला के पालमपुर, बैजनाथ, नूरपुर सहित अन्य हिस्सों में भी मॉक अभ्यास आयोजित किया गया।
अभ्यास के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त राघव शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मस्त राम भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी एवं स्वयंसेवी उपस्थित थे।
विजयेन्दर शर्मा/ 11 जुलाई, 2019

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