काव्य ग़ज़ल

धैर्य की परीक्षा

आ गई है परीक्षा की घड़ी

अपने आपको तैयार करो तुम

होगी तेरे बुद्धि विवेक की परीक्षा

जो आए निर्णय उसे स्वीकार करो तुम

हमेशा से मानवता की जीत हुई है

भाईचारा का प्रसार करो तुम

मुल्क-ए-हिंद फिर जीतेगा

गंगा जमुनी तहजीब दमदार करो तुम

सिरफिरों पर ध्यान मत देना

सहनशक्ति को धारदार करो तुम

यह वतन गांधीजी और कलाम की है

मजहबी ताकतों को अस्वीकार करो तुम

मादरे वतन की इज्जत है दांव पर

इंसानियत का बचाव करो तुम

विश्व शांति को दिल में रखो

गौतम के उपदेशों का एहतराम करो तुम

गोपेंद्र कुमार सिन्हा गौतम

देवदत्तपुर दाउदनगर औरंगाबाद बिहार

व्हाट्सएप नंबर 95 07 34 1433

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