काव्य ग़ज़ल

मेरी जिंदगी है तुम्हीं से

मेरी हर दिल की धड़कन हो तुम

मेरी सांसों में बसी , मेरी जिंदगी हो तुम

कही तुम बदल ना जाना ,,

जो कभी खत्म ना हो , वो प्यास हो तुम ,,

मेरी पहली और आखरी आस हो तुम ,,

छुपा लूं अपनी आँखों में , कि कहीं तुम खो ना जाना

मेरी जिंदगी है तुम – से

कहीं तुम बदल ना जाना ,,

आ ,, जन्म – जन्म का कोई रिश्ता जोड़ लू ,

जो टूटे ना कभी हमसे ऐसा बन्धन बाँध लू ,

बस ये वादा तुम मेरे साथ निभा जाना

मेरी जिंदगी है तुम से …..

कहीं तुम ही ना बदल जाना !!

गुलशन पाण्डेय

मधेपुरा , बिहार

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