काव्य ग़ज़ल

श्रीराम जीत गए

भारत में भक्ति भाव के आयाम जीत गए

वनवास हुआ खत्म और श्रीराम जीत गए

वर्षों चली जद्दोजहद हक को जताने की

राम जन्मभूमि को अपना बताने की

धैर्य रखा श्रीराम ने मां जानकी के संग

लक्ष्मण भरत भी चुप थे देख के रंग-ढंग

धैर्य सहनशीलता के नाम जीत गए

वनवास हुआ खत्म और श्रीराम जीत गए

दशरथ रघु की यश भूमि राम को मिली

पाया जहां था जन्म भूमि राम को मिली

वर्षों का अंधेरा छंटा प्रकाश- पुंज उठा

चारों ओर जय श्री राम से गूंज उठा

आगाज भी सही था ,अंजाम जीत गए

वनवास हुआ खत्म और श्रीराम जीत गए

सदियों पुरानी लौटी फिर पावन परंपरा

आनंद में आकाश है हर्षित हुई धरा

खुश हो पवन अवध में तोरण बना रहा

सूरज भी खुश है चांद भी खुशियां मना रहा

ऐसा लगे कि जैसे चारों धाम जीत गए

वनवास हुआ खत्म और श्रीराम जीत गए

वनवास हुआ खत्म और श्रीराम जीत गए

विक्रम कुमार

मनोरा, वैशाली

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