काव्य ग़ज़ल

हर दर्द की दवा मिल जाएगी

अपने

हर दर्द की दवा मिल जाएगी।

सबको अपना बनाते चलिए।।

खुशियों से घर भर जाएगा।

अपनो  से  निभाते  चलिए।।

हर  किसी  पर  ऐतबार  जरूरी  है।

मगर विश्वास अपनो का पाते चलिए।।

हर एक को तेरे साथ आना ही पड़ेगा।

बस  अपनो  को  साथ ले कर चलिए।।

तेरा दुश्मन बस तेरे कत्ल की तलाश में है।

बस  उनसे अपनी ऊँगली बचा के चलिए।।

साथ तेरे खड़ा होगा हर वक्त तेरा अपना ही,

बस  उनका  साथ  हर  वक्त  निभाते चलिए।

नीरज त्यागी

ग़ाज़ियाबाद ( उत्तर प्रदेश ).

मोबाइल 09582488698

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *